
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश भर की तहसीलों के भूलेख केंद्रों पर लगभग 15-20 वर्षों से कार्यरत करीब 120 कंप्यूटर ऑपरेटर/डाटा एंट्री ऑपरेटर उपनल कर्मियों से इतर मात्र 15-16 हजार रुपये मानदेय में कार्य करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के जून 2016 के शासनादेश में इन कार्यरत कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति मानदेय दिए जाने का प्रावधान था और वर्तमान में उपनल के माध्यम से कार्यरत समस्त कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ अनुमन्य कर दिया गया है, लिहाजा डाटा एंट्री ऑपरेटर भी इस लाभ के हकदार हैं।
नेगी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में 15-16 हजार रुपये में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद दुष्कर है, इसलिए सरकार को इस संबंध में गंभीरता से सोचना चाहिए। ये कर्मिक खतौनियां तैयार करने के अलावा आरओआर वितरण, निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्य और जनगणना के समस्त कार्यों का निर्वहन भी करते हैं। मोर्चा शीघ्र ही इन कर्मियों की पीड़ा सरकार के समक्ष रखेगा। पत्रकार वार्ता में बी. एल. टम्टा और अतुल हांडा मौजूद थे।




