
एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने किया खुलासा, महिला को कंपनी के निदेशक पद से हटाने के लिए रची गई थी साजिश
देहरादून। चार कंपनियों में निदेशक पद से एक महिला को हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चाचा-भतीजे को गिरफ्तार किया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को उत्तर प्रदेश से दबोचा है। दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को रेखा आर्य ने कोतवाली कैंट में शिकायत देकर अपने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के उद्देश्य से उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए गए और इस तरह कथित रूप से पद पर कब्जा करने की साजिश रची गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ एससी/एसटी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी ग्रामीण के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। टीम ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटाए। जांच में गिरधारी लाल साहू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर की कथित संलिप्तता सामने आई।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर रेखा आर्य के फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाने की योजना बनाई थी। इन कंपनियों में देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे ऑटो चार्जिंग प्रोजेक्ट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। आरोप है कि महिला को निदेशक पद से हटाकर सतेंद्र राठौर को इस पद पर नियुक्त कराने की तैयारी थी।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 6 नवंबर को कार्रवाई करते हुए गिरधारी लाल साहू को झांसी और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार गिरधारी लाल साहू की उम्र 61 वर्ष है और वह बरेली स्थित बनखंडी नाथ मंदिर का निवासी है, जबकि 40 वर्षीय सतेंद्र राठौर जोगी नवादा, बरेली का रहने वाला है। फिलहाल एसआईटी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


