
देहरादून। भाजपा सरकार की नीतियों और एलिवेटेड रोड योजना के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को राजपुर विधानसभा क्षेत्र में ‘बस्ती बचाओ, मकान-दुकान बचाओ’ अभियान के तहत जनजत्था निकाला। पार्टी नेता एवं डीएवी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष तथा सीटू के महामंत्री लेखराज के नेतृत्व में निकाले गए इस जत्थे में श्रमिकों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
जत्थे के माध्यम से माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एलिवेटेड रोड परियोजना के नाम पर गरीबों की बस्तियों और दुकानों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के नाम पर वर्षों से रह रहे लोगों को बेघर करना उचित नहीं है। पार्टी ने मांग की कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही बस्तियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिया जाए।
इस दौरान लेखराज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय जनता से बस्तियों की समस्याओं, रोजगार, महिला सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनआंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
माकपा की ओर से बताया गया कि लेखराज वर्ष 1998 से मजदूरों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। वह पूर्व जिला महासचिव और चित्रसेन आश्रम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें क्षेत्र की समस्याओं को लेकर संघर्ष करने वाला प्रतिनिधि बताते हुए ‘इस बार परिवर्तन लाइए, लेखराज को जिताइए’ का नारा दिया।
माकपा ने रखीं दस सूत्रीय मांगें
अभियान के दौरान पार्टी ने क्षेत्र के विकास और बस्तीवासियों के अधिकारों से जुड़े अपने प्रमुख संकल्प भी सामने रखे। इनमें एलिवेटेड रोड योजना को रद्द कराने, बस्तियों के निवासियों को मालिकाना हक दिलाने, कूड़े के ढेर और अतिक्रमण की समस्या से मुक्ति दिलाने तथा रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा बस्तियों में सीवर लाइन, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, नशे के कारोबार पर रोक लगाने तथा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई।
18 से 20 नवंबर तक सचिवालय में महापड़ाव का आह्वान
जत्थे में शामिल वक्ताओं ने जनता से 18 से 20 नवंबर 2026 तक सचिवालय में प्रस्तावित महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तियों के नियमितीकरण, आवासीय अधिकारों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन को मजबूत करना जरूरी है।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पार्टी के जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनंत आकाश, सीटू अध्यक्ष एसएस नेगी, उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, छात्रसंघ उपाध्यक्ष शैलेंद्र नेगी, जनवादी महिला समिति की महामंत्री दमयंती नेगी, उपाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, सीटू सचिव हिमांशु चौहान, कोषाध्यक्ष रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, रामसिंह भंडारी, मनीष कुमार, हरीश कुमार, एआईएलयू महामंत्री एडवोकेट शंभू प्रसाद ममगाईं, एडवोकेट शांति प्रसाद और एडवोकेट सुधीर सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा आशा यूनियन की राज्य महामंत्री लोकेश, प्रभा, मीना नेगी, कमलेश, सलोचना देवी, राजपाल सिंह, अनुज कुमार, जयवती देवी, रेहड़ी-पटरी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनकर, सोनू सोनकर, सहदेव और नीलम सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों ने अभियान में भागीदारी की।



