
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड से भाजपा के चुनावी अभियान को धार दी। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तीखे राजनीतिक हमले किए। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की हैट्रिक का दावा किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता के सामने ‘इस बार 65 पार’ का लक्ष्य भी रखा।
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। उन्होंने उत्तराखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य आंदोलन के शहीदों और संघर्ष करने वाले लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण लंबे संघर्ष और जनभावनाओं का परिणाम है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 9 नवंबर 2000 को अलग राज्य का सपना साकार किया। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड सहित राज्य आंदोलन के दौरान हुए संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तराखंड की जनता को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
अटल ने बनाया, मोदी संवार रहे हैं उत्तराखंड
गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में भाजपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाएगा।
शाह ने मुख्यमंत्री धामी की निवेश संबंधी पहल का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था, तब उन्हें इस आंकड़े को लेकर कुछ संदेह हुआ था। उन्होंने स्वयं मुख्य सचिव से फोन पर जानकारी ली। निवेश की योजना और उसकी रूपरेखा समझने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री के प्रयासों पर भरोसा हुआ।

यूसीसी और सख्त कानूनों को बताया बड़ी उपलब्धि
अमित शाह ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने यूसीसी को धरातल पर उतारा। ट्रिपल तलाक, हलाला, धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन कदमों से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के इस कदम से प्रेरित होकर देश के अन्य राज्य भी समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों में भी इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
राहुल गांधी की SIR मुहिम पर तीखा हमला
अपने संबोधन में अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी SIR को लेकर देश में गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी ‘वोट बचाओ’ मुहिम पर कटाक्ष करते हुए शाह ने इसे ‘घुसपैठिया बचाओ’ अभियान करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना जरूरी है और सरकार इस दिशा में कठोर कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के राजनीतिक दौरे और बयानों से उत्तराखंड की जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। भाजपा के हजारों कार्यकर्ता प्रदेश की समस्याओं के समाधान और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

कांग्रेस पर तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पार्टी ने लंबे समय तक उत्तराखंड की अनदेखी की। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकारों के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था पलायन और मनीऑर्डर पर निर्भर रही। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आए, इस दिशा में कांग्रेस ने ठोस प्रयास नहीं किए।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी सवाल उठाए और उनके कार्यकाल के दौरान सामने आए स्टिंग प्रकरण का जिक्र किया। शाह ने आरोप लगाया कि उस समय सचिवालय में भ्रष्टाचार का माहौल था। उन्होंने छात्रवृत्ति घोटाले, शराब नीति और कमीशनखोरी जैसे मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल खड़े किए।
शाह ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश और मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे प्रस्तावों को बढ़ावा दिया, जबकि भाजपा सरकार ने अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।
सीमा सुरक्षा और आतंकवाद पर कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने देश की सीमाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सड़कों के निर्माण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है।
उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं करता। देश की ओर आंख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता भारत ने विकसित की है।
धामी सरकार के विकास कार्यों की सराहना
गृह मंत्री ने धामी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। सरकार ने 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार, निवेश, कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय काम किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने कई राज्यों में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर हैट्रिक लगाई है और अब उत्तराखंड में भी पार्टी इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। शाह ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इस बार 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा।

उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान
परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की भव्य परेड का निरीक्षण किया और राज्य पुलिस बल को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान (President’s Police Colour) प्रदान किया।
इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड देश का 16वां राज्य बन गया, जिसकी पुलिस को यह सम्मान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान पुलिस बल की उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। समारोह में चार धर्मों के धर्मगुरुओं ने निशान का अभिषेक किया।
अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राज्य पुलिस ने अपेक्षाकृत कम समय में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, कुंभ मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तराखंड पुलिस बखूबी निभाती है। उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के बारे में कोई गलत बात नहीं सुनी।
आपदाओं में पुलिस और SDRF के साहस को सराहा
अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर आज 26 हजार जवानों के मजबूत बल तक का सफर तय किया है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और प्राकृतिक आपदाएं हमेशा चुनौती पेश करती रही हैं, लेकिन पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने हर परिस्थिति में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।
उन्होंने सिलक्यारा, धराली और थराली जैसी आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने में उत्तराखंड पुलिस और आईटीबीपी के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पुलिस के प्रयासों की भी सराहना की। शाह ने 31 मार्च 2031 तक पूरे देश को नशामुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।

पुलिस अधिकारियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह के दौरान अमित शाह ने चयनित पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक अलंकरण प्रदान किए। इसके अलावा उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया।
राज्य स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी, चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. जीवन सिंह तितियाल, खेल जगत से एकता बिष्ट, वंदना कटारिया, अंकिता ध्यानी, कपिल पोखरिया और निकिता चंद, उद्यमिता क्षेत्र से मनमोहन भारद्वाज, फिल्म जगत से हिमानी शिवपुरी, लोक संस्कृति से हेमा नेगी करासी और रेशमा शाह, शिक्षा एवं पत्रकारिता से डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, सामाजिक क्षेत्र से अनीता थपलियाल शर्मा और कश्मीर सिंह तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सुरेश भाई सहित कई नाम शामिल रहे।
धामी ने अंकिता मामले का किया जिक्र
अमित शाह से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने मामले में कड़ी कार्रवाई की और दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई। उन्होंने कांग्रेस पर इस मामले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और जेनी प्रकरण तथा दिल्ली के तंदूर कांड का उल्लेख करते हुए विपक्ष से इन मामलों पर भी सवाल उठाने को कहा।
कुल मिलाकर अमित शाह का देहरादून दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का लक्ष्य स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान प्रदान कर राज्य पुलिस बल की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया।




