
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 11 टीमों के बीच होगा रोमांच, पुरुष और महिला वर्ग में दिखेगा उत्तराखंड की प्रतिभा का दम! आकाश मधवाल से प्रेमा रावत तक
देहरादून। उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह रोमांच से भरने वाला है। प्रदेश की प्रमुख टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) 2026 का तीसरा संस्करण 21 सितंबर से देहरादून के रायपुर स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट का समापन 1 अक्टूबर को होगा। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) की ओर से आयोजित इस लीग में इस बार पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले खेले जाएंगे।
UPL को उत्तराखंड के उभरते क्रिकेटरों के लिए अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर साबित करने के अवसर के रूप में पेश किया गया है। लीग का आयोजन IPL की नीलामी से पहले हो रहा है, ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट जगत की नजर रहने की उम्मीद है। बड़े स्टेडियम, प्रतिस्पर्धी मुकाबलों और प्रसारण के जरिए स्थानीय खिलाड़ियों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
UPL 2026 के पुरुष वर्ग में इस बार देहरादून वॉरियर्स, USN इंडियंस, हरिद्वार एल्मास, टिहरी टाइटंस, ऋषिकेश रिवर किंग्स, पिथौरागढ़ हरिकेंस और नैनीताल टाइगर्स सहित सात टीमें हिस्सा लेंगी। महिला वर्ग में मसूरी क्वींस, बागेश्वर एरियल, पिथौरागढ़ हरिकेंस और देहरादून वॉरियर्स अपनी चुनौती पेश करेंगी।
लीग में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को खेलने का मौका दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, UPL के जरिए खिलाड़ियों को बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग और दबाव वाले मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे बड़े स्तर के क्रिकेट में अवसर बनने की संभावना रहती है।
UPL 2026 के पुरुष वर्ग में आकाश मधवाल, युवराज चौधरी, कुणाल चंदेला, सुचित जे, तेजस्वी जायसवाल, मयंक मिश्रा और अवनीश सुधा को आइकन खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है। महिला वर्ग में प्रेमा रावत, राघवी बिष्ट, नंदिनी कश्यप और श्वेता वर्मा आइकन खिलाड़ियों के तौर पर लीग का हिस्सा होंगी।
इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से युवा क्रिकेटरों को अनुभवी और स्थापित खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने तथा उनसे सीखने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार UPL के पहले दो संस्करणों को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है। पहले संस्करण ने टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 2.1 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंच बनाई थी। दूसरे संस्करण में भी लीग की प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों के लिए अवसरों में विस्तार हुआ।
UPL का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। लीग के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय क्रिकेटरों को ऐसा मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, जहां वे दबाव वाले मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाकर अपनी पहचान बना सकें।
इस बार UPL में महिला क्रिकेट को भी समान रूप से मंच देने की कोशिश की गई है। आयोजकों का कहना है कि पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबलों से प्रदेश की महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
CAU की सचिव किरण वर्मा ने कहा कि UPL उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। उनके अनुसार, तीसरे संस्करण में पुरुष और महिला खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने तथा उनके प्रदर्शन को बड़े स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, पूर्व BCCI उपाध्यक्ष और CAU के पूर्व सचिव महिम वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में क्रिकेट की प्रतिभा की कमी नहीं है। उनके मुताबिक IPL नीलामी से पहले होने वाली यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन कर बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर दे सकती है।
UPL के अध्यक्ष सुनील जोशी ने कहा कि लीग का मूल उद्देश्य उत्तराखंड के क्रिकेटरों को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि UPL 2026 में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के जरिए बड़े स्तर पर पहचान बनाने में सफल होंगे।
21 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाली UPL 2026 पर अब उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं। रायपुर का राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर प्रदेश के युवा और अनुभवी क्रिकेटरों की टक्कर का गवाह बनेगा और इस बार महिला क्रिकेट को भी मुकाबलों के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।



