
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय उत्तराखंड शेफ एसोसिएशन की बैठक में पहाड़ी व्यंजन, पारंपरिक भोजन, स्थानीय खाद्य सामग्री और उत्तराखंड की पाक कला को वैश्विक पहचान दिलाने पर चर्चा हुई।
देहरादून। उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान, स्थानीय उत्पादों और यहां की प्रतिभाशाली पाक कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। अंतरराष्ट्रीय उत्तराखंड शेफ एसोसिएशन (आईयूसीए) की महत्वपूर्ण बैठक देहरादून में आयोजित हुई। बैठक में उत्तराखंड के शेफ समुदाय के साथ आईयूसीए की टीम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैठक में उत्तराखंड की समृद्ध पाक कला परंपरा, पारंपरिक भोजन और खान-पान की संस्कृति को एक संगठित मंच प्रदान करने तथा यहां के पारंपरिक व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के शेफ समुदाय को एकजुट कर उन्हें नए अवसरों से जोड़ना और राज्य के पारंपरिक भोजन को वैश्विक मंच तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में आईयूसीए के अध्यक्ष शेफ मुकेश मेहरा, शेफ सागर सिंह बिष्ट, शेफ शुभम नेगी, शेफ तारा भट्ट, शेफ बिजेंद्र बिजल्वाण और शेफ सुरजन बंगरवाल सहित आईयूसीए की पूरी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम का संचालन एंकर आयुषी जुयाल ने किया।
स्थानीय शेफ समुदाय ने बढ़ाया सहयोग
देहरादून के स्थानीय शेफ समुदाय की ओर से भी कार्यक्रम में व्यापक सहभागिता देखने को मिली। शेफ प्रदीप शर्मा, शेफ विनोद बलोनी, शेफ गुलाब सिंह नेगी, शेफ राहुल बिष्ट और शेफ नवीन सहित कई शेफों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आईयूसीए की इस पहल को सहयोग और समर्थन दिया।
बैठक में स्थानीय शेफों ने उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय खाद्य सामग्री और पहाड़ी खान-पान की विशिष्टता को व्यापक मंच तक पहुंचाने को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और शेफ समुदाय ने भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने में सहयोग की इच्छा जताई।
दुबई से देहरादून पहुंची आईयूसीए की टीम
आईयूसीए की टीम दुबई से विशेष उद्देश्य के साथ देहरादून पहुंची थी। टीम का उद्देश्य उत्तराखंड के शेफ समुदाय को एक साझा मंच पर लाना और भविष्य में उनके लिए नए अवसरों का सृजन करना है।
बैठक के दौरान उत्तराखंड के खाद्य समूहों, पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय खाद्य सामग्री और पहाड़ी भोजन को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। आईयूसीए की ओर से उत्तराखंड में पाक कला के क्षेत्र में मौजूद व्यापक संभावनाओं को सामने रखते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने पर जोर दिया गया।
स्थानीय स्वाद से वैश्विक मंच तक पहुंचाने की तैयारी
उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन तक सीमित नहीं है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय अनाज, दालें, मसाले, जड़ी-बूटियां और अन्य स्थानीय खाद्य उत्पाद इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
आईयूसीए इन स्थानीय खाद्य परंपराओं और उत्पादों को पाक पर्यटन तथा अंतरराष्ट्रीय खाद्य क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में काम करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। इसके तहत उत्तराखंड के शेफ, खाद्य उत्पादकों और स्थानीय खान-पान की संस्कृति से जुड़े लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
2027 में संयुक्त अरब अमीरात में बड़े आयोजन की तैयारी
आईयूसीए की ओर से संयुक्त अरब अमीरात में किए जा रहे कार्यक्रमों की निरंतरता को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027 में संयुक्त अरब अमीरात में बड़े स्तर पर पाक कला और शेफ समुदाय से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड के शेफ और स्थानीय खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत करने के अवसर तैयार किए जाएंगे। साथ ही संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखंड की पाक कला और खाद्य संस्कृति को पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
आईयूसीए का उद्देश्य उत्तराखंड के शेफ समुदाय को रोजगार और आपसी संपर्क के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ राज्य की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी है। इसके लिए स्थानीय शेफ, खाद्य उत्पादक, पाक कला विशेषज्ञ और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ने की दिशा में आगे की योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
“उत्तराखंड का स्वाद अब वैश्विक पहचान की ओर”
देहरादून में आयोजित यह बैठक उत्तराखंड के पाक कला क्षेत्र को नई दिशा देने की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। आईयूसीए का उद्देश्य स्पष्ट है कि उत्तराखंड के शेफ, उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन और उत्तराखंड की समृद्ध पाक कला संस्कृति अब स्थानीय स्तर तक सीमित न रहकर वैश्विक मंच तक पहुंचे।
आने वाले समय में स्थानीय शेफ समुदाय, खाद्य उत्पादकों और अंतरराष्ट्रीय पाक कला मंचों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए नए बाजार और अवसर विकसित होने की संभावनाएं हैं।



