
देहरादून। मौसम विभाग द्वारा नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है। विभाग ने इन जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। वहीं पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा का भी अनुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपदा परिस्थिति से निपटने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने भी जनसुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।
सचिव सुमन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि खराब मौसम या किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। अधिकारियों को यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और अन्य आपात स्थितियों की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन समेत सभी कार्यदायी संस्थाएं अपनी मशीनरी और संसाधन तैयार रखें। मार्ग बाधित होने पर तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
सुमन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर विशेष सतर्कता बरतने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर देने को कहा गया है।
ओलावृष्टि प्रभावितों को जल्द मिलेगी राहत
बैठक में हालिया ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भी समीक्षा की गई। सचिव सुमन ने प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिलों से तत्काल प्रस्ताव और मांग पत्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत वितरण के लिए आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता हेतु भी प्रस्ताव तत्काल भेजे जाएं। साथ ही क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के आकलन और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
चीड़बासा में सुरक्षा जाल लगाने का प्रस्ताव मांगा
बैठक में चीड़बासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। सचिव सुमन ने अधिकारियों को यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक उपायों का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने को कहा। विशेष रूप से पत्थर गिरने से रोकथाम के लिए सुरक्षा जाल (नेटिंग) लगाने संबंधी प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा और मोहित माथुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



