
देहरादून में रचनात्मक कांग्रेस, इंसानियत मंच और महिला मंच की पहल पर उत्तराखंड जन संवाद 2026 आयोजित हुआ, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
देहरादून । संस्कृति विभाग सभागार में बुधवार को रचनात्मक कांग्रेस–उत्तराखंड और जन संगठनों इंसानियत मंच एवं महिला मंच की संयुक्त पहल पर ‘उत्तराखंड जन संवाद 2026’ का आयोजन किया गया। एक दिवसीय संवाद में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों तथा राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रदेश के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता से जुड़े सरोकारों पर सार्थक संवाद के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में रचनात्मक कांग्रेस (आरसी) के चेयरपर्सन संदीप दीक्षित ने संगठन की भूमिका और संवाद के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
पहले सत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाए जनसरोकारों से जुड़े मुद्दे
पहले सत्र में पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों की कृषि, आजीविका, बेरोजगारी और पलायन जैसे आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, आधारभूत ढांचे के प्रभाव, अति-पर्यटन और अनियोजित शहरीकरण से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों पर भी विचार रखे गए।
भू-कानून से जुड़े विषयों के साथ महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों और ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसा तथा ऐसे मामलों में मीडिया की भूमिका पर भी चर्चा हुई। संवैधानिक एवं शासन से जुड़े विषयों में समान नागरिक संहिता, धर्मनिरपेक्षता, पांचवीं अनुसूची, पंचायती राज संस्थाओं, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), जवाबदेही और पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल रहे।

दूसरे सत्र में साझा किए अनुभव
दूसरे सत्र को ‘अनुभव की आवाज़’ नाम दिया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। अल्पसंख्यक, दलित, महिला, पर्यावरण और घरेलू कामगारों से जुड़े मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत शुभम कुकरेती की रैप प्रस्तुति से हुई, जबकि सत्र का संचालन रवि चोपड़ा ने किया।
समापन सत्र में संदीप दीक्षित और उत्तराखंड के प्रभारी भुवन पाठक ने जन संवाद से सामने आए निष्कर्षों और आगे की कार्ययोजना पर विचार साझा किए। संदीप दीक्षित ने कहा कि रचनात्मक कांग्रेस पारंपरिक राजनीतिक विमर्श से आगे बढ़कर रचनात्मक संवाद को महत्व देती है। जमीनी अनुभवों और सामाजिक सरोकारों को निरंतर संवाद का हिस्सा बनाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
यह संवाद 28 सितंबर को रुद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद उत्तराखंड में रचनात्मक कांग्रेस की ओर से आयोजित दूसरा प्रमुख संवाद रहा। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों के माध्यम से जल, जंगल, जमीन, आजीविका, पलायन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और जवाबदेह शासन जैसे मुद्दों पर साझा मंच तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।



