
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी बनबसा परिसर में रविवार को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक ने भूमि सुधार, वित्तीय अनुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक दक्षता और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाले कई बड़े कदम उठाए।
बैठक में सबसे पहले वन भूमि हस्तांतरण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही भूमिधरी अधिकार देने का ऐतिहासिक फैसला हुआ, जिससे नैनीताल और देहरादून के हजारों पट्टेदारों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार मिल सकेगा।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार हेतु ₹66.29 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने का निर्णय लिया गया। वहीं, संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता लाने के लिए PAN सत्यापन व्यवस्था लागू की जाएगी।
वित्तीय अनुशासन को मजबूती देने के लिए राजकोषीय उत्तरदायित्व संशोधन विधेयक पारित किया गया, जिसमें घाटे की सीमा GSDP के 3% और ऋण सीमा 30% तय की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी रखा गया है।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना से 1.19 लाख विद्यार्थियों को रोजगार क्षमता और उद्यमिता का लाभ मिलेगा। साथ ही, निजी विश्वविद्यालय मानक संशोधन कर पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम निर्मित क्षेत्र की नई व्यवस्था तय की गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट वेतन पुनर्निर्धारण और वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई। वहीं, कुक्कुट आहार सब्सिडी अब आधार-लिंक्ड बैंक खातों से डीबीटी द्वारा दी जाएगी।
प्रशासनिक सुधारों में सतर्कता अधिष्ठान पुनर्गठन, वन विभागाध्यक्ष संशोधन और समूह ‘ग’ साक्षात्कार प्रक्रिया संशोधन जैसे फैसले शामिल रहे।
धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार भूमि सुधार, वित्तीय अनुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन फैसलों से उत्तराखण्ड में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है और जनता को सीधे लाभ मिलेगा।
धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार भूमि सुधार, वित्तीय अनुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन फैसलों से उत्तराखण्ड में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है और जनता को सीधे लाभ मिलेगा।



