
देहरादून । शोध कार्य को प्रभावी बनाने के साथ-साथ अकादमिक लेखन और प्रकाशन के निर्धारित मानकों की जानकारी देने के उद्देश्य से ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें छात्रों और शोधार्थियों को शोध की बारीकियों, लेखन की तकनीकों और शोध नैतिकता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
सम्मेलन में डीन ऑफ रिसर्च कोलैबोरेशन डॉ. मांगे राम ने शोध लेखन की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि एक बेहतर शोध केवल तथ्यों और निष्कर्षों को लिख देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसकी शुरुआत विषय के अनुरूप पुस्तक प्रस्ताव तैयार करने और सही जर्नल के चयन से होती है। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली अकादमिक पुस्तक प्रस्ताव प्रकाशकों का विश्वास हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने शोध कार्यों के प्रकाशन के दौरान नैतिक सिद्धांतों का पालन करने पर भी जोर दिया। विशेष रूप से संपादित पुस्तकों और मोनोग्राफ तैयार करते समय शोध की प्रामाणिकता, पारदर्शिता और नैतिक मानकों को बनाए रखना आवश्यक बताया।
तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में एसजीआरआर कॉलेज, यूकॉस्ट समेत विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से आए 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के गणित विभाग की ओर से किया गया।



