
देहरादून। कोतवाली डोईवाला पुलिस और एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से चार वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त रवि ग्वाला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देहरादून में बैंक से निकाले गए पांच लाख रुपये से भरे बैग की चोरी का आरोप है। एसएसपी देहरादून की निर्देशों पर संचालित अभियान में पुलिस ने सुरागरसी, पतासाजी और सर्विलांस के सहारे आरोपी का ठिकाना तलाश कर उसे दबोचा।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2022 को डोईवाला निवासी लाखन सिंह ने कोतवाली डोईवाला में तहरीर दी थी कि वह बैंक से पांच लाख रुपये निकालकर घर लौट रहे थे। रास्ते में सब्जी लेने के लिए रुकने के दौरान अज्ञात चोरों ने उनका रुपयों से भरा बैग चुरा लिया। इस घटना के संबंध में कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 322/2022, धारा 379 भारतीय न्याय संहिता से पूर्व लागू धारा 379 भादवि के तहत पंजीकृत किया गया था।
भाई के बाद अब दूसरा आरोपी पकड़ा गया
पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी मंजीत ग्वाला को पहले ही चोरी की गई धनराशि के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उससे पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके भाई रवि ग्वाला की संलिप्तता भी सामने आई थी। आरोप है कि दोनों भाइयों ने मिलकर बैंक से पैसे लेकर जा रहे व्यक्ति का बैग चोरी किया था।
रवि ग्वाला गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को गुमराह करता रहा। उसकी लंबी फरारी के बाद एसएसपी देहरादून ने उस पर 25 हजार रुपये तथा आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिला सुराग
वर्तमान में एसएसपी देहरादून के वांछित एवं इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देशों के बाद कोतवाली डोईवाला और एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने लगातार जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में छिपा हुआ है।
जानकारी मिलते ही एक पुलिस टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। टीम ने गोपनीय तरीके से जानकारी एकत्र कर 18 अक्टूबर 2026 को ग्राम फाटापुकर, झांझीपुरा, थाना राजगंज, जिला जलपाईगुड़ी से 46 वर्षीय आरोपी रवि ग्वाला पुत्र सदानंद ग्वाला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को वहां न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है।
पुलिस टीम में एसओजी ग्रामीण प्रभारी निरीक्षक खुशी राम पांडेय, उपनिरीक्षक विनोद राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सचिन पुंडीर, सहायक उपनिरीक्षक मनोज कुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार, कुलदीप सिंह एवं सोनी कुमार शामिल थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से चार साल पुराने बैंक चोरी मामले का आगे खुलासा होगा।




