
29 कार्यक्रम, थिएटर फेस्टिवल, लोक-शास्त्रीय संगीत, अंतरराष्ट्रीय कलाकार, साहित्य और शिल्प का संगम; समापन 6 नवंबर को ऊषा उत्थुप की प्रस्तुति से
देहरादून। विश्व विख्यात ‘विरासत कला एवं धरोहर महोत्सव 2026’ का शुभारंभ 23 अक्टूबर से देहरादून के नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में होगा। 15 दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव 6 नवंबर तक आयोजित होगा। रिच संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष आरके सिंह ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार महोत्सव को नए, भव्य और विशाल परिसर में आयोजित किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को बेहतर अनुभव मिले और यातायात तथा अतिथियों के आगमन से जुड़ी असुविधा न हो।
आरके सिंह ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। इस बार हिमालयन कल्चरल सेंटर में 29 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, साथ ही थिएटर फेस्टिवल की शुरुआत भी होगी। उन्होंने बताया कि विशेष अतिथि चार्टर प्लेन से सीधे आयोजन स्थल पर पहुंच सकेंगे।
महोत्सव का शुभारंभ छोलिया नृत्य और उप्रेती बहनों की लोक संगीत प्रस्तुति से होगा। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध ठुमरी गायक पंडित साजन मिश्रा और स्वरांश मिश्रा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत करेंगे। महोत्सव का समापन 6 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका ऊषा उत्थुप की प्रस्तुति के साथ होगा।
महोत्सव में लोक नाट्य प्रस्तुति ‘चक्रव्यूह’, जौनसारी लोक नृत्य, कुमाऊंनी लोक संगीत, गढ़वाली नृत्य, पांडवानी और अन्य क्षेत्रीय कला प्रस्तुतियां होंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका और कजाकिस्तान के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। शास्त्रीय संगीत में बेगम परवीन सुल्ताना, टीएम कृष्णा, डॉ. एन. राजम, रागिनी शंकर, स्मित तिवारी, आइवी बनर्जी, अश्विन श्रीनिवासन, ध्रुव बेदी, समन्वय सरकार, प्रियंका बर्वे और सिद्धार्थ बेलमन्नू शामिल होंगे। कथक, भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी। सूफी गायक ओसमान मीर, बैंड ‘इंडियन ओशन’, अनोल चटर्जी, महेश काले और राहुल देशपांडे भी मंच सजाएंगे।

साहित्य प्रेमियों के लिए साहित्य महोत्सव, अपराध साहित्य पर विशेष सत्र, दास्तानगोई, मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित होंगे। संजीव चोपड़ा, बुद्धिनाथ मिश्र, राजकुमार पंवार, मनोज भार्थवाल, अंबर खर्बंदा सहित कई प्रतिष्ठित लेखक और कवि भाग लेंगे। स्कूली बच्चों के लिए शिल्प ट्रेजर हंट, हेरिटेज क्विज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रहेंगी। विंटेज कार एवं मोटरसाइकिल रैली, सुपरबाइक रैली तथा पर्यावरण विषयक लोक-नाट्य महोत्सव के विशेष आकर्षण होंगे।
महोत्सव में खरीदारी के लिए पारंपरिक परिधान, सूखे मेवे, ऊनी गद्दे, लकड़ी की नक्काशी, धातु शिल्प, रजाइयां और फर्नीचर सहित सैकड़ों कलात्मक उत्पाद उपलब्ध होंगे। विरासत विलेज और एम्फीथिएटर में लोक कला की प्रस्तुतियां चलेंगी।
इस पत्रकार वार्ता में रिच संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष आरके सिंह के साथ मुख्य रूप से रिच संस्था की संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी, विरासत महोत्सव के निदेशक लोकेश ओहरी, प्रियंदा अय्यर, रिच के सदस्य आशुतोष, समीर सिन्हा वन विभाग उत्तराखंड, ओएनजीसी के हेड एचआर नीरज शर्मा भी उपस्थित रहे।




