
सर्वोच्च न्यायालय मार्च में हरीश रावत, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत समेत सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता शामिल, बाराखंबा रोड से निकला जुलूस
नई दिल्ली । मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी में सर्वोच्च न्यायालय की ओर मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड से पहुंचे सैकड़ों नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग उठाई। पार्टी का कहना है कि यह कार्यक्रम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर हुआ।
उत्तराखंड के नेता बाराखंबा रोड पर जुटे और वहां से सर्वोच्च न्यायालय की ओर बढ़ते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव प्रणाली की मांग की। ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान का सम्मान करो’ और ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे गूंजते रहे।
गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और इसे कमजोर करने का अधिकार किसी संस्था या सरकार को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, नाम काटे जाने और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गोदियाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही कथित अनियमितताओं में आपराधिक संलिप्तता की जांच कर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह अभियान सिर्फ कांग्रेस का राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि हर नागरिक के मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा की लड़ाई है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास हुए और निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अविश्वास बढ़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस नागरिकों के मताधिकार से खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जहां वोट सुरक्षित नहीं, वहां लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उनके मुताबिक यह लड़ाई किसी व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए है। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि जनता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता सुनिश्चित न होने और विपक्ष के सवालों का समाधान न होने पर पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी।
कूच में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी सुरेन्द्र शर्मा और मनोज यादव, हरक सिंह रावत, प्रकाश जोशी, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला, फुरकान अहमद, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली और प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंत में गोदियाल ने स्पष्ट किया कि जब तक हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित नहीं होता और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठे सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक कांग्रेस का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।



