
नार्को टेस्ट पर सहमति देने के लिए सोमवार को होनी थी पेशी, सहारनपुर स्थित आवास से उत्तराखंड पुलिस ले गई अपने साथ; हिरासत के कारणों और मुकदमे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवादित ऑडियो और कथित वीआईपी के नामों को लेकर सुर्खियों में आई अभिनेत्री उर्मिला सनावर को उत्तराखंड पुलिस ने कोर्ट में प्रस्तावित पेशी से ठीक पहले हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस की एक टीम सहारनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह रही और उन्हें किस मुकदमे के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। उन्हें कहां ले जाया गया है, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उर्मिला सनावर की सोमवार को अदालत में पेशी प्रस्तावित थी। यह पेशी अंकिता भंडारी प्रकरण में नार्को टेस्ट को लेकर उनकी सहमति दर्ज कराने के सिलसिले में होनी थी। उल्लेखनीय है कि सनावर ने स्वयं नार्को टेस्ट कराने की इच्छा जताई थी। ऐसे में अदालत में उनकी प्रस्तावित उपस्थिति से पहले पुलिस की कार्रवाई ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
इस कार्रवाई को लेकर एक अन्य पहलू भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड पुलिस ने सहारनपुर में उर्मिला सनावर के आवास पर पहुंचने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी थी। हालांकि, सहारनपुर पुलिस ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई है और कार्रवाई के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस की ओर से न तो हिरासत के आधार का खुलासा किया गया है और न ही संबंधित मुकदमे अथवा कानूनी प्रावधानों के बारे में स्थिति स्पष्ट की गई है।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के गंगा-भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अदालत ने मई 2025 में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, अंकिता के माता-पिता लगातार दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग करते रहे हैं।
हत्याकांड से जुड़े हालिया घटनाक्रम में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के नाम भी सामने आए थे। दोनों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। सनावर की ओर से सामने आए ऑडियो और उनमें कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों ने प्रकरण को नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम दिया है। अब कोर्ट में प्रस्तावित पेशी से पहले उनकी हिरासत ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस की आधिकारिक जानकारी और अदालत की कार्यवाही सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



