
अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन अभ्यर्थियों के आधार, डोमिसाइल और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप, एवज में ली मोटी रकम
देहरादून। नीट यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के सहारे एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व वाली एसआईटी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटाउन में अलग-अलग अभियोग दर्ज हुए थे। आरोप था कि कुछ अभ्यर्थियों ने सरकार पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन जांच में उनके दस्तावेज फर्जी निकले। रायपुर में मुकदमा अपराध संख्या 380/26 और क्लेमेंटाउन में 86/26 बीएनएस की विभिन्न धाराओं में पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने एसआईटी गठित की।
एसआईटी ने साक्ष्य जुटाते हुए सभी संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच में सामने आया कि सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत थे। इसके बाद टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाला और अभ्यर्थियों के असली पते हासिल किए। मिले साक्ष्यों के आधार पर संजय कुमार और गिरीश सिंह को पूछताछ के लिए थाना रायपुर लाया गया, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में पता चला कि संजय कुमार 2007 से गिरीश सिंह का परिचित है। दोनों ने मिलकर स्वाति, परी और खुशी के फर्जी आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र बनवाए और उन्हें मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने में मदद की। इसके बदले दोनों ने अनुचित धनराशि ली। इससे पहले एसआईटी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस का कहना है कि प्रकरण के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी: संजय कुमार (30) पुत्र सुमेर राम, वर्तमान निवासी द्वारिका स्टोर चौक, थाना डालनवाला, देहरादून, मूल निवासी ग्राम नानूपुर, थाना सारनाथ, बनारस (उत्तर प्रदेश)। गिरीश सिंह (33) पुत्र रणजीत सिंह, वर्तमान निवासी टपकेश्वर मंदिर लाइन, थाना गढ़ी कैंट, देहरादून, मूल निवासी पाताल भुवनेश्वर, थाना गंगोलीहाट, पिथौरागढ़।
पहले गिरफ्तार: रुपेश पंडित (30), मूल निवासी पूर्णिया (बिहार), हाल मेरठ। अरविंद कुमार, निवासी बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार। धीरज कुमार श्रीवास्तव (37), निवासी थाना पिपलानी, भोपाल (मध्य प्रदेश)।



