
देहरादून। रिहायशी क्षेत्रों में कारोबार कर रहे दुकानदारों को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से जारी नोटिसों के बाद व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मुद्दे पर दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल ने चिंता जताते हुए व्यापारियों को राहत दिलाने की मांग उठाई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और प्रभावित व्यापारियों ने संगठन के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी), डीपीआईआईटी, भारत सरकार में उत्तराखंड के सदस्य पंकज कुमार मेंसोन को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
डालनवाला स्थित एमडीडीए कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान व्यापारियों ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से करीब 65 दुकानदारों को नोटिस मिले हैं। उनका कहना है कि इनमें से कई दुकानें पिछले 10 से 20 वर्षों से संचालित हो रही हैं। ऐसे में अचानक कार्रवाई की आशंका से उनके कारोबार और परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने मांग की कि मामले के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर व्यावहारिक रास्ता निकाला जाए।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि दुकानों को स्थापित करने में उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाने के साथ ही कई मामलों में ऋण लेकर कारोबार खड़ा किया है। दुकानों में इंटीरियर, सामान और अन्य व्यावसायिक व्यवस्थाओं पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। यदि दुकानें बंद होती हैं तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही प्रत्येक दुकान में औसतन दो से चार कर्मचारियों के काम करने का हवाला देते हुए व्यापारियों ने कहा कि कार्रवाई का असर बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका पर पड़ सकता है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि स्थानीय दुकानों से आसपास के लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं। इन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई होने से दुकानदारों और कर्मचारियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नोटिस मिलने के बाद कारोबारियों में भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि लंबे समय से चल रहे प्रतिष्ठानों के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान की पहल की जाए।
ज्ञापन लेने के बाद पंकज कुमार मेंसोन ने व्यापारियों से संबंधित नोटिसों की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखने और व्यापारी वर्ग की समस्याओं से उन्हें अवगत कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए राहत का रास्ता तलाशा जा सके।
बैठक में व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में हस्तक्षेप कर उनकी आजीविका एवं निवेश को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाएंगे।



