
सुपर-300 मिशन के तहत हर साल 300 जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिल रही निःशुल्क उच्च शिक्षा, 1500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में आठ लाख युवाओं तक पहुंचा चुके हैं जागरूकता का संदेश
देहरादून। सामाजिक सरोकारों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने और आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे CIMSM एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन और सजग इंडिया के अध्यक्ष शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी को ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून के एक निजी होटल में इंडिया वॉइस न्यूज चैनल की ओर से आयोजित ‘देवभूमि से विकास संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
शिक्षाविद जोशी पिछले 18 वर्षों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए अभियान चला रहे हैं। सजग इंडिया के माध्यम से उनके इस प्रयास का संदेश अब तक लाखों युवाओं तक पहुंच चुका है। युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड और आसपास के राज्यों के 1500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में आठ लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा चुका है। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे से बचने, सकारात्मक सोच विकसित करने, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और शिक्षा एवं राष्ट्रनिर्माण में जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में उनकी एक प्रमुख पहल ‘सुपर-300 मिशन एजुकेशन स्कीम’ है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के 300 मेधावी विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट देकर उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के तहत चिकित्सा, पैरामेडिकल, प्रबंधन, कंप्यूटर, होटल मैनेजमेंट और विधि सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलता है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई और भविष्य की राह में बाधा न बने। इस योजना का लाभ भारतीय सेना में सेवारत सैनिकों के आश्रितों और वीर नारियों के बच्चों को भी दिया जा रहा है, ताकि सैनिक परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
ललित मोहन जोशी का मानना है कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचाने के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर देना भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ‘देवभूमि विकास सम्मान 2026’ को उनके लंबे समय से जारी सामाजिक, शैक्षिक और जनकल्याणकारी प्रयासों की एक महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।



