
19 लाख रुपये से बने साउंडप्रूफ कोचिंग रूम में निःशुल्क आईएएस-पीसीएस की तैयारी, जल्द शुरू होगी बैंकिंग और एसएससी की कोचिंग
देहरादून । पहाड़ के दुर्गम गांवों में रहने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह अब आसान होती दिख रही है। राजधानी देहरादून में संचालित निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग केंद्र से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के दिव्यांग अभ्यर्थी ऑनलाइन जुड़कर आईएएस और पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। गढ़वाल से कुमाऊं तक के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से एक मंच पर लाने वाली इस पहल को सूचना विभाग ने समावेशिता और समान अवसर की मिसाल बताया है।
यह व्यवस्था मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत समाज कल्याण विभाग और राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के संयुक्त प्रयास से चल रही है। प्रत्येक जिले से चयनित दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कोचिंग केंद्र राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में स्थापित है, जहां विषय विशेषज्ञ सिविल सेवा परीक्षाओं के विभिन्न विषयों की कक्षाएं ले रहे हैं।
रोज शाम चार से सात बजे चलती हैं ऑनलाइन कक्षाएं
विद्यार्थियों को हर बार देहरादून पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती। प्रतिदिन शाम चार से सात बजे तक चलने वाली ऑनलाइन कक्षाओं से दूरस्थ क्षेत्रों के अभ्यर्थी गूगल मीट के जरिये शिक्षकों से जुड़ते हैं। साइन लैंग्वेज जैसी सुविधाओं के माध्यम से अलग-अलग जरूरतों वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को सुलभ बनाने का प्रयास किया गया है। कोचिंग में सामान्य अध्ययन (जीएस), सीसैट, तार्किक क्षमता, गणित और अन्य अर्हकारी विषयों की तैयारी कराई जा रही है।
जल्द शुरू होगी बैंकिंग और एसएससी की कोचिंग
समाज कल्याण विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप यह पहल शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र में आईएएस और पीसीएस की तैयारी कराई जा रही है, जबकि रोजगार और करियर के अवसर बढ़ाने के लिए जल्द ही बैंकिंग और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी।
19 लाख रुपये की लागत से बना साउंडप्रूफ कोचिंग रूम
जिला प्रशासन देहरादून और समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 19 लाख रुपये की लागत से हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम तैयार कराया है। इसमें वीडियो मिक्सर, कॉर्डलेस माइक्रोफोन, 75 इंच की टीवी स्क्रीन, तीन कंप्यूटर कंसोल, थिएटर लाइट और हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से शिक्षकों के व्याख्यान डिजिटल माध्यम से दूरस्थ विद्यार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
आत्मनिर्भर बनने का मंच मिला
देहरादून जिले से चयनित अभ्यर्थी मोहन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल से दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपने पूरे करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उनके अनुसार, आधुनिक तकनीक के जरिये प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक मंच पर जोड़ना इस व्यवस्था की बड़ी खासियत है और इससे उन्हें बेहतर मार्गदर्शन के साथ परीक्षा की तैयारी में मदद मिल रही है।



