
लंबित विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश, मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता से धरातल पर उतारने को कहा
हरिद्वार । जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में संचालित विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का नवंबर माह तक शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन विभागों ने अभी तक स्वीकृत विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है, वे एक सप्ताह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराएं। जिन विभागों में कार्यों की प्रगति धीमी है, वे तत्काल प्रभावी कदम उठाकर काम में तेजी लाएं। उन्होंने प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी करने और प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डी और सी श्रेणी में शामिल विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर ए श्रेणी में पहुंचने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विभागीय रैंकिंग में सुधार लाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। लंबित कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं और विकास परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



