
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) द्वारा आयोजित रोड शो और शक्ति प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पार्टी तथा उनके शीर्ष नेतृत्व पर जोरदार जुबानी हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली और भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस का राजनैतिक पाखंड, ड्रामेबाजी और पार्टी के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई करार दिया है।
भाजपा मुख्यालय से जारी बयानों में विधायक विनोद चमोली ने तंज कसते हुए कहा कि हरदा से बड़ा ड्रामा किंग राजनीति में कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जो नेता कल तक इस्तीफे की पेशकश कर रहे थे, वे आज अपने स्वागत में ग्रैंड रोड शो निकालकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर था और उनके पूर्व पीए व ओएसडी के ठिकानों पर हाल में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई तथा बरामदगी से यह साफ होता है कि उनके कार्यकाल के भ्रष्टाचार के तार आज भी जुड़े हुए हैं।
चमोली के अनुसार, इसी कार्रवाई के भय से घबराकर हरीश रावत ने इस्तीफे की पेशकश कर सहानुभूति हासिल करने और कांग्रेस आलाकमान पर अपनी पारिवारिक व राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया है। चमोली ने यह भी कहा कि जनता की नजरों में अब कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एक्सपोज्ड और उसके नेता फ्यूज्ड हो चुके हैं। इसके साथ ही हरक सिंह रावत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस भाजपा ने उन्हें विधायक और मंत्री बनाकर पहचान दी, वे आज अवसरवादिता के चलते कांग्रेस के मंचों से चिल्ला रहे हैं, जबकि सहसपुर सीट पर धरातल की सच्चाई बयानों से काफी अलग है।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने हरीश रावत के शक्ति प्रदर्शन को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और दरार का नतीजा बताया। चौहान ने सवाल उठाया कि कांग्रेस पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर यह शक्ति प्रदर्शन किसके खिलाफ और किसके लिए है—आलाकमान को अपनी ताकत दिखाने के लिए, प्रदेश के नेताओं को संदेश देने के लिए या अपनी खोई हुई राजनैतिक प्रासंगिकता साबित करने के लिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हरीश रावत को जिस तरह लगातार हाशिये पर धकेला गया है और उनके समर्थकों की अनदेखी की गई है, उससे साफ है कि यह रोड शो आलाकमान को चुनौती देने और वर्चस्व साबित करने की कोशिश है।
चौहान ने यह भी कहा कि एक तरफ हरीश रावत भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ 2016 के यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच में उनके करीबियों पर हुई ईडी की कार्रवाई से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन पर कांग्रेस को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के इस अंदरूनी राजनैतिक नाटक को भली-भांति समझ रही है और इस शक्ति प्रदर्शन ने कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी को पूरी तरह उजागर कर दिया है।



