
विनोद चमोली ने कांग्रेस पर लगाए भूमि घोटालों और भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप, धामी सरकार के भू-कानून और 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कराने की कार्रवाई को बताया उपलब्धि
देहरादून । उत्तराखंड में कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ–धामी हटाओ’ अभियान की घोषणा के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस की प्रस्तावित भूमि बचाओ यात्रा को राजनीतिक दिखावा करार देते हुए कहा कि जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा दिया और भूमि आवंटन में अनियमितताओं के कई मामले सामने आए, उसे भूमि बचाने की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस यात्रा का मकसद प्रदेश में हो रहे निवेश, रोजगार के बढ़ते अवसरों और पर्यटन विकास के कार्यों को बदनाम करना है।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चमोली ने कहा कि कांग्रेस की पहली निर्वाचित सरकार के कार्यकाल में जमीनों के आवंटन में अनियमितताओं के कई मामले सामने आए। उन्होंने धोलास में शेखुल्ला एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब 20 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि बाद में इस जमीन की प्लॉटिंग कर उसे कई लोगों को बेच दिया गया। उन्होंने अल्मोड़ा के नैनीसार में जिंदल समूह से जुड़े एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब सात हेक्टेयर भूमि आवंटित किए जाने का भी जिक्र किया। चमोली के मुताबिक, उस समय स्थानीय लोगों ने आवंटन का विरोध किया था और मामला न्यायालय तक पहुंचा था।
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के नाम पर जमीन आवंटित की गई, लेकिन वर्तमान सरकार के विकास और निवेश संबंधी प्रयासों का कांग्रेस विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर कांग्रेस का रवैया हमेशा नकारात्मक रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की ओर से उत्तराखंड को दिए गए औद्योगिक पैकेज को मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में बंद किए जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया।
13 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कराने का दावा
चमोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सख्त भू-कानून लागू कर जमीनों की खरीद-फरोख्त पर नियंत्रण के प्रयास किए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के कार्यकाल में लाए गए भू-कानून का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, धार्मिक गतिविधियों के नाम पर अवैध रूप से कब्जाई गई 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को सरकार ने मुक्त कराया है। हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 80 एकड़ भूमि को मुक्त कराने की प्रक्रिया में भी सरकार निर्णायक रूप से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में प्रदेशभर में करीब 57 भूमि आवंटन हुए, जिनमें 52 गढ़वाल और पांच कुमाऊं क्षेत्र में थे। इन जमीनों को बेहद कम कीमत पर आवंटित किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में एक रुपये और 120 से 125 रुपये तक की दर पर जमीन दी गई। उन्होंने ऊधमसिंह नगर के एनएच भूमि मुआवजा घोटाले का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकारों पर राज्य के संसाधनों का निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
चमोली ने कहा कि कांग्रेस की भूमि बचाओ यात्रा उत्तराखंड की जमीन बचाने के बजाय अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश है। भाजपा जनता के सहयोग से प्रदेश की जमीन और संसाधनों की रक्षा करेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक और कमलेश रमन भी मौजूद रहे।




