
जांच से नहीं डरना चाहिए, नाटकीय राजनीति से न जांच पर असर, न जनता की धारणा पर बदलाव : महेंद्र भट्ट
देहरादून । भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अपनी दिवंगत मां की तस्वीर को राजनीति के लिए इस्तेमाल करने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और नैतिकहीनता की पराकाष्ठा करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि ईडी के सामने पेश होते समय स्वर्गीय माता जी के चित्र को गले में टांकर जाना महज सहानुभूति हासिल करने और जनता का ध्यान भटकाने की अंतिम कोशिश है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बातचीत के दौरान तीखा कटाक्ष किया कि किसी भी मां का अपमान घोर निंदनीय है, लेकिन राजनैतिक ड्रामे में दिवंगत मां का इस्तेमाल अक्षम्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हरदा ने कुछ भी गलत नहीं किया है तो वे जांच का सामना करने से डरते क्यों हैं। भट्ट ने साफ कहा कि ऐसी नाटकीय राजनीति से न तो जांच प्रक्रिया पर कोई फर्क पड़ने वाला है और न ही जनता की धारणा पर।
भट्ट ने कहा कि हरदा की मां बहुत ही सज्जन और पूज्यनीय व्यक्ति थीं। यदि वे अपनी मां के बताए रास्ते पर चलते तो भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसने का मौका ही नहीं आता। जब मुख्यमंत्री रहते उनकी सरकार में हुए घोटालों और सरकारी लूट-खसोट की जांच चल रही है, तब वे तरह-तरह के राजनैतिक प्रपंच रच रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि जनता तो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही टीवी पर संसाधनों की लूट का ‘लाइसेंस’ देते देख चुकी है। अब जब उनके कार्यकाल में हुई यूकेएसएससी परीक्षा की धांधली की परतें खुल रही हैं और करीबियों के पास से काले धन के अंबार मिल रहे हैं, तो जवाब देना उनके लिए मुश्किल हो गया है। जनता तो बहुत पहले ही साथ छोड़ चुकी है, अब कांग्रेस पार्टी भी उनका साथ नहीं दे रही।
भट्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा राजनैतिक बचाव के लिए मां जैसे पावन रिश्ते के इस तरह के उपयोग की पुरजोर निंदा करती है। शाश्वत सत्य यह है कि मां के संबंधों की दुहाई देने से उनके पाप किसी भी तरह कम नहीं होने वाले। उन्होंने कहा कि जनता की अदालत में तो 2017 और 2022 में ही वे दोषी साबित हो चुके हैं, देर-सबेर न्यायालय का निर्णय भी आ जाएगा।



