
जागतोली–कोटखाल और चोपड़ा–काण्डई मोटर मार्ग का काम शुरू कराने की मांग, 31 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी
रुद्रप्रयाग। दशज्यूला क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से लंबित डामरीकरण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने जागतोली–कोटखाल और चोपड़ा–काण्डई मोटर मार्ग पर 27 अक्टूबर 2026 से डामरीकरण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि 30 अक्टूबर तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर से उग्र आंदोलन और आमरण अनशन किया जाएगा।
जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि दोनों मोटर मार्गों पर डामरीकरण का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लंबे समय से विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब कर लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। पीएमजीएसवाई रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र फर्स्वाण ने बताया कि चोपड़ा–काण्डई मोटर मार्ग की स्वीकृत 13.5 किलोमीटर लंबाई में से चार किलोमीटर पर डामरीकरण किया जा चुका है। वहीं, 9.10 किलोमीटर लंबे जागतोली–कोटखाल मोटर मार्ग पर 1.50 किलोमीटर हिस्से में डामरीकरण का कार्य पूरा हुआ है। दोनों सड़कों के शेष हिस्सों पर काम लंबित है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि संबंधित ठेकेदारों को कई बार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वार्ता के दौरान विभाग की ओर से 27 अक्टूबर से डामरीकरण कार्य शुरू कराने के निर्देश जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया।

काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन
ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि सड़कों पर डामरीकरण धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 अक्टूबर तक कार्य शुरू नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर से उग्र आंदोलन और आमरण अनशन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जिलाधिकारी से मुलाकात करने वालों में ग्राम प्रधान इशाला राजेंद्र राणा, देवेंद्र बासकण्डी, कालिका काण्डपाल, बुद्धि बल्लभ थपलियाल, गजेंद्र राणा, वासुदेव राणा, मुकेश बिष्ट, विनीत बिष्ट, ललित मोहन काण्डपाल, सुदर्शन सिंह नेगी, सुदर्शन नेगी, विजय पाल कठैत, गोपाल सिंह बासकण्डी, पंकज राणा, हरि शरण पांडे और कुंवर सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।



