
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सीएम को भेजा ज्ञापन, 15 दिन की दी चेतावनी
संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दीनदयाल उपाध्याय पार्क से निकाली रैली, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, सुशीला खत्री और रेखा नेगी ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
देहरादून। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दीनदयाल उपाध्याय पार्क से रैली के रूप में निकलीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ यह ज्ञापन सौंपा गया।
उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों को एक बैनर तले जोड़ने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रही हैं और कोरोना काल में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि सरकार सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को सम्मानित तो कर रही है, लेकिन असली सम्मान तभी माना जाएगा जब उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि मार्च 2024 में सरकार ने मानदेय वृद्धि के लिए एक कमेटी गठित की थी, लेकिन ढाई साल बीत जाने के बावजूद उसका निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंगनबाड़ी बहनों को लगातार गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा ने घोषणा पत्र में सम्मानजनक मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन सरकार का कार्यकाल समाप्त होने को है और वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुशल श्रमिकों जैसा काम करती हैं, लेकिन उनकी स्थिति बंधुआ मजदूरों जैसी हो गई है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने 15 दिनों के भीतर मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो संयुक्त मोर्चा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष तनु बंबा, मंजू मौर्य, मधु पुंडीर, रविता चौहान, कीर्तना शर्मा, नीलम चौहान, उषा थापा, सुशीला राई, गीता चौहान, संगीता देवी, बीना चौहान और संध्या रानी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहीं।



