
गणेश गोदियाल बोले – चालकों की सहमति के बिना वाहन लेने का दबाव उनके आर्थिक और व्यावसायिक अधिकारों पर प्रहार
पौड़ी गढ़वाल/देहरादून। उत्तराखंड में टैक्सी चालकों से कथित तौर पर जबरन नि:शुल्क वाहन उपलब्ध कराने और मना करने पर उन्हें प्रताड़ित किए जाने के विरोध में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के कार्यकाल और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के लिए टैक्सी चालकों पर मुफ्त वाहन उपलब्ध कराने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रेस को जारी बयान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि टैक्सी चालक दिन-रात मेहनत करके अपनी आजीविका चलाते हैं। उन्हें वाहन की किश्त, बीमा, परमिट, ईंधन, मरम्मत और परिवार के भरण-पोषण सहित तमाम खर्च स्वयं उठाने पड़ते हैं। ऐसे में बिना उचित भुगतान के वाहन उपलब्ध कराने का दबाव बनाना और असहमति जताने पर परेशान करना उनके आर्थिक एवं व्यावसायिक अधिकारों का उल्लंघन है।
गोदियाल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक, सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम के लिए टैक्सी सेवाएं लेते समय चालकों की सहमति और निर्धारित किराये का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी भी चालक को उसकी इच्छा के विरुद्ध नि:शुल्क वाहन देने के लिए बाध्य करना या ऐसा न करने पर कार्रवाई की धमकी देना अनुचित है।

निष्पक्ष जांच और भुगतान की मांग
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि टैक्सी चालकों पर अनुचित दबाव बनाने वाले व्यक्तियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा, कांग्रेस ने मांग की कि किसी भी टैक्सी चालक को उसकी इच्छा के विरुद्ध मुफ्त वाहन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य न किया जाए। जिन टैक्सियों की सेवाएं ली गई हैं, उनका निर्धारित किराया और अन्य देय भुगतान नियमानुसार तत्काल सुनिश्चित किया जाए।
पार्टी ने यह भी कहा कि शिकायत करने वाले अथवा नि:शुल्क वाहन देने से इनकार करने वाले टैक्सी चालकों के खिलाफ किसी प्रकार का उत्पीड़न या दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। भविष्य में सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए वाहनों की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से किए जाने की भी मांग की गई।
कांग्रेस ने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने और टैक्सी चालकों को भयमुक्त वातावरण में व्यवसाय करने का अवसर उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई।



