
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक मकान के फर्श के नीचे छिपाकर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। घर के अंदर जमीन की खुदाई के दौरान एक के बाद एक कई नीले प्लास्टिक के ड्रम बरामद हुए। जब इन ड्रमों को खोलकर देखा गया तो उनके भीतर नोटों के बंडल भरे मिले। पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब चार करोड़ रुपये की नकदी गिनी जा चुकी है, जबकि बरामदगी का कुल आंकड़ा 60 करोड़ रुपये या उससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
यह पूरा मामला प्रयागराज के बरईपुर (रामनगर) इलाके का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिस व्यक्ति के घर से यह नकदी मिली है, उसका संबंध महाराष्ट्र के पुणे की एक निजी कंपनी से रहा है। आरोप है कि वह कई साल पहले कंपनी में काम करता था और नोटबंदी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी लेकर वहां से फरार हो गया था। इसके बाद वह अपने गांव लौट आया और यहां कई बीघा जमीन भी खरीदी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जमीन के नीचे छिपाई गई रकम कहां से आई और इसका वास्तविक स्रोत क्या है।
इस मामले का खुलासा भी किसी सुनियोजित पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि आपसी विवाद के बाद हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी का किसी पड़ोसी या रिश्तेदार के साथ विवाद हो गया था। इसी दौरान मकान के नीचे नकदी छिपाकर रखे जाने की बात सामने आई। सूचना पुलिस तक पहुंचते ही अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने बुधवार रात संबंधित मकान को घेर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर घर के फर्श की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान जमीन में दबे नीले ड्रम सामने आए। इनमें बड़ी संख्या में नोटों के बंडल रखे हुए थे। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने बैंक और संबंधित विभागों की टीमों को मौके पर बुलाया।
नकदी की गिनती के लिए नोट गिनने वाली मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। बुधवार देर रात तक करीब चार करोड़ रुपये की गिनती पूरी होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, सभी ड्रमों में रखी रकम की गिनती अभी बाकी है। इसी वजह से कुल बरामद नकदी का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। सूत्रों के हवाले से रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
डीसीपी सोनम कुमार के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और नकदी की गिनती के साथ उसके स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि कथित तौर पर पुणे की कंपनी से जुड़ा यह पैसा कितने समय से मकान के नीचे छिपाकर रखा गया था और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका तो नहीं है। फिलहाल, करोड़ों की नकदी मिलने की खबर से इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है।




