
सेना ने सबसे पहले दी हादसे की सूचना, रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटीं; दो हेलीकॉप्टरों से हो रही हवाई रेकी
चमोली/देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा सामने आया। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का सिविल हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में हाथी पर्वत के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में एक पायलट समेत छह लोग सवार थे। बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के कारण राहत एवं बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। घटना की सबसे पहले सूचना भारतीय सेना की सिग्नल सेंटर टीम ने जिला प्रशासन को दी, जिसके बाद शासन-प्रशासन और तमाम बचाव एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं।
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर (कॉल साइन VT-HCX) शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान अचानक उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन दिखनी बंद हो गई। इसी दौरान सेना की सिग्नल सेंटर टीम ने हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठता और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा। सेना ने तत्काल इसकी सूचना जिलाधिकारी चमोली को दी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में मारवाड़ी पुल के ऊपर जेपी पावर हाउस की ओर चाई गांव के समीप पहाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। प्रशासन को अपराह्न करीब दो बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। एसडीआरएफ की जोशीमठ और पांडुकेश्वर इकाइयों के साथ सहस्त्रधारा से भी एक अतिरिक्त टीम भेजी गई है।
मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
हेलीकॉप्टर दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए सभी संबंधित विभागों और बचाव एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगोली और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दो हेलीकॉप्टरों से हो रही हवाई रेकी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति का पता लगाने और बचाव अभियान को गति देने के लिए जमीनी और हवाई दोनों स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। यूकाडा के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से क्षेत्र की हवाई रेकी की जा रही है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान में जुटी हैं।
संभावित घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। चिकित्सा दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
हेलीकॉप्टर में ये छह लोग थे सवार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु (पायलट) के अलावा प्रताप, अरुण, शंकर, सुधीर और एमएस नागराजा सवार थे। यात्रियों के बेंगलुरु, कर्नाटक का निवासी होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, हादसे के बाद उनकी स्थिति और विस्तृत विवरण की आधिकारिक पुष्टि बचाव अभियान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
उड़ानों पर रोक, परमिट को लेकर भी उठे सवाल
हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। वहीं, यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन से मिली जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था, जिसे चार्टर उड़ानों के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। बताया गया है कि शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना परमिट नहीं था और उसका एनएसओपी आवेदन डीजीसीए में प्रक्रियाधीन था। इस बीच दूसरी कंपनी के परमिट पर उड़ानें संचालित किए जाने की बात भी सामने आई है। इस पहलू की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पूरा प्रशासनिक अमला और बचाव एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचने तथा हेलीकॉप्टर में सवार लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। दुर्गम पहाड़ी भूभाग और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान पर सभी की नजरें टिकी हैं।



