
देहरादून। राजधानी देहरादून के पॉश इलाके सहस्रधारा रोड पर बीते दिनों हुई एक दुस्साहसिक वारदात से हड़कंप मच गया। नाला पानी चौक के पास सुबह की सैर पर निकली एक महिला को कुछ नकाबपोश बदमाशों ने जबरन कार में घसीटने की कोशिश की। महिला की चीख-पुकार और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के कारण बदमाश मौके से फरार हो गए, लेकिन जब दून पुलिस ने इस केस की गुत्थी सुलझाई, तो सामने आया ₹7.5 लाख के लेन-देन और धोखेबाज़ डेयरी डील का एक सनसनीखेज सच।
क्या थी पूरी वारदात?
बीती 23 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6:50 बजे, कानन कुंज (सहस्रधारा रोड) निवासी सुषमा वर्मा पत्नी राहुल वर्मा पर काले रंग की स्विफ्ट कार में सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर मचते ही आसपास के लोग दौड़े और आरोपी अपनी गाड़ी में फर्राटा भरते हुए फरार हो गए। पीड़िता की तहरीर पर थाना रायपुर में मामला दर्ज किया गया।
SOG और पुलिस की छापेमारी, 19 वर्षीय युवती गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के सख्त निर्देशों पर थाना रायपुर और SOG देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने 26 सितंबर को सहस्रधारा रोड से मुख्य अभियुक्ता चाहत उर्फ अन्नू (19 वर्ष) पुत्री विनोद कुमार (निवासी गोविंद विहार, डांडा लखौंड, रायपुर) को धर दबोचा।
दूध का कारोबार, ब्याज की रकम और धोखा
पूछताछ में 19 वर्षीय चाहत ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। चाहत और उसके साथी दीपक पासवान ने सुषमा वर्मा से अठूरवाला (भानियावाला) स्थित 11 गायों वाली डेयरी चलाने का सौदा ₹7.5 लाख में किया था। इसमें ₹5 लाख नकद और ₹2.5 लाख का चेक दिया गया। सुषमा ने दावा किया था कि गायें रोजाना 150 लीटर दूध देती हैं, लेकिन असलियत में दूध बहुत कम निकला।
ठगी का अहसास होने पर जब चाहत और दीपक ने अपने पैसे वापस मांगे, तो सुषमा टालमटोल करने लगी। इसी दौरान चाहत की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पैसों की सख्त जरूरत पड़ने पर जब चाहत ने दूध बिक्री के अपने ₹1.22 लाख मांगे, तो सुषमा ने महज ₹10 हजार देकर बाकी पैसे देने से साफ इंकार कर दिया। डेयरी में लगाया गया पैसा ऊंचे ब्याज पर लिया गया था और लेनदार उन पर लगातार दबाव बना रहे थे।
हरिद्वार से बुलाई ‘सुपारी ब्रिगेड’, स्कूटी गिरवी रखकर ली कार
परेशान होकर आरोपियों ने सुषमा को डराने और सबक सिखाने का खौफनाक प्लान बनाया। कारगी चौक से अपनी स्कूटी गिरवी रखकर किराए पर स्विफ्ट कार ली गई। इसके बाद हरिद्वार के रोशनाबाद से साथी आदित्य, लक्की और प्रियांशु को बुलाया गया। 23 सितंबर को दीपक, आदित्य और लक्की ने सहस्रधारा पहुंचकर अपहरण का प्रयास किया, जो जनता की सतर्कता से विफल हो गया।
4 आरोपी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
देहरादून पुलिस ने घटना में शामिल 4 अन्य वांछित आरोपियों—दीपक (ज्वालापुर), सुशांत उर्फ लक्की (टिहरी गढ़वाल), आदित्य वशिष्ठ (सिडकुल) और प्रियांशु (मंगलौर)—की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



