
पौड़ी गढ़वाल। भारत सरकार की एडिप और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत पौड़ी जनपद में 11 स्थानों पर परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट में बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
डीएम स्वाति भदौरिया ने कहा कि ये शिविर लंबे अंतराल के बाद लग रहे हैं, इसलिए कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में वंचित न रहे। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी बनाकर तहसील स्तर पर बैठक करने और पात्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग को ग्राम प्रधानों के माध्यम से गांव-गांव तक प्रचार करने, जबकि आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने को कहा गया है।
डीएम ने विशेष निर्देश दिए कि जिन दिव्यांगजनों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, उनके प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड शिविर में ही बनाए जाएंगे, ताकि प्रमाण पत्र के अभाव में कोई लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए शिविरों में डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रहेगी।

यह रहेगा शिविरों का शेड्यूल
3 अक्टूबर को धुमाकोट तहसील, 5 को बीरोंखाल ब्लॉक, 6 को थलीसैंण ब्लॉक, 7 को पौड़ी ब्लॉक, 8 को खिर्सू स्थित नगर निगम श्रीनगर, 9 को पाबौ ब्लॉक, 12 को राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल, 13 को राइंका सतपुली, 15 को जयहरीखाल ब्लॉक, 16 को राइंका मोहनचट्टी और 17 अक्टूबर को राइंका दुगड्डा में शिविर लगेगा।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि वयोश्री योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को और एडिप योजना में पात्र दिव्यांगों को उपकरण दिए जाएंगे। इसके लिए आधार, दिव्यांगता प्रमाण पत्र/यूडीआईडी और आय संबंधी दस्तावेज लाने होंगे। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



