
पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से तैयार फिल्म्स, बेहतर प्रिंट क्वालिटी और आसान इंस्टॉलेशन के साथ ब्रांडिंग को देंगी नया आयाम
देहरादून। पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच कोस्मो फर्स्ट ने अपने कोस्मो फिल्म्स बिजनेस के तहत देहरादून में पीवीसी-मुक्त ग्रीन ग्राफिक फिल्म्स पेश की हैं। ये फिल्म्स पारंपरिक पीवीसी आधारित विनाइल ग्राफिक्स का विकल्प हैं, जिन्हें बेहतर प्रिंट गुणवत्ता, आकर्षक लुक और टिकाऊ ब्रांडिंग की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
पॉलीप्रोपाइलीन (बीओपीपी) से निर्मित ये फिल्म्स 100 प्रतिशत पीवीसी, थैलेट और हैलोजन मुक्त हैं। हल्के वजन के कारण इनकी हैंडलिंग और इंस्टॉलेशन आसान है। ये सॉल्वेंट, इको-सॉल्वेंट, यूवी और एचपी लेटेक्स प्रिंटिंग तकनीकों के अनुकूल हैं, जिससे स्पष्ट ग्राफिक्स और आकर्षक रंग प्राप्त होते हैं। कंपनी के अनुसार, ये फिल्म्स ग्लॉस और मैट फिनिश के साथ क्लियर एवं ग्रे एडहेसिव विकल्पों में उपलब्ध हैं। रीसायक्लेबल होने के कारण इन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार ब्रांडिंग के विकल्प के रूप में भी पेश किया गया है।
त्योहारी सीजन, विशेषकर दिवाली के दौरान रिटेल दुकानों, शोरूम, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आकर्षक साइनबोर्ड और प्रमोशनल डिस्प्ले की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इन ग्रीन ग्राफिक फिल्म्स का इस्तेमाल दुकान के साइनबोर्ड, विंडो ग्राफिक्स, स्टोर डेकोरेशन, पॉइंट ऑफ सेल डिस्प्ले और प्रचार पैनल तैयार करने में किया जा सकता है। इसके अलावा रिटेल ब्रांडिंग, इवेंट ग्राफिक्स और अन्य प्रचार गतिविधियों में भी इनका उपयोग संभव है।
कोस्मो फिल्म्स के ग्लोबल बिजनेस हेड कुलभूषण मलिक ने कहा कि आज व्यवसाय ब्रांडिंग सामग्री चुनते समय केवल उसकी खूबसूरती ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, कार्यक्षमता और पर्यावरणीय प्रभाव को भी महत्व दे रहे हैं। ग्रीन ग्राफिक फिल्म्स के जरिए कंपनी प्रिंट की बेहतरीन गुणवत्ता, हल्के वजन और विभिन्न फिनिश के साथ पीवीसी-मुक्त विकल्प उपलब्ध करा रही है। त्योहारों के दौरान व्यवसाय आकर्षक प्रचार सामग्री के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकल्प भी अपना सकते हैं।
कंपनी के अनुसार, इस नई पेशकश के माध्यम से उसका लक्ष्य प्रिंटरों, साइनेज निर्माताओं और विभिन्न ब्रांड्स को ऐसी ग्राफिक फिल्म्स उपलब्ध कराना है, जो उनकी मौसमी प्रचार गतिविधियों के साथ-साथ रोजमर्रा की ब्रांडिंग जरूरतों को भी पूरा कर सकें।




