
देहरादून। राजधानी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता भगाओ’ रैली को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। रैली के आयोजन को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व पर तीखा जुबानी हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सत्तारूढ़ दल की मंशा और रैली के समय पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब केंद्र में बीते 12 वर्षों और राज्य में 10 सालों से भाजपा की सरकार है, तो फिर आखिर लोकतंत्र को खतरा किससे है?
अपने कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने तंज भरे लहजे में कहा कि यदि देश और प्रदेश में वास्तव में लोकतंत्र खतरे में है, तो सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग क्या कर रहे हैं? भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारतीय लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा किसी और से नहीं, बल्कि स्वयं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत सरकारें लोकतंत्र की मूल भावनाओं पर आघात कर रही हैं और जनता के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
धस्माना ने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों और संविधान निर्माताओं का स्मरण करते हुए कहा कि भारत के संविधान की सबसे बड़ी ताकत देश का लोकतंत्र और नागरिकों का मतदान का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और अपनी विफलताओं एवं अराजकता का दोष विपक्ष के सिर मढ़ने की कोशिश में जुटी है।
त्योहारों के ऐन बीच आयोजित हो रही इस विशाल रैली के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि व्यस्त त्योहारी सीजन में इस प्रकार के राजनीतिक आयोजनों से आम जनता और स्थानीय व्यापारियों को भारी असुविधा और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने रैली को ‘बेमतलब’ करार देते हुए कहा कि त्योहारों के समय ऐसे आयोजनों से बाजार और जनजीवन दोनों प्रभावित होते हैं, जिसकी सीधी जवाबदेही सत्तारूढ़ दल की है।




