
27 अक्टूबर की डेडलाइन भी बेअसर, जयवर्धन काण्डपाल की अगुवाई में जागतोली में गरजी जनता, 5 नवंबर का अल्टीमेटम
रुद्रप्रयाग। दशज्यूला क्षेत्र की कोटखाल-जागतोली और गढ़ीधार-चोपड़ा सड़कों के डामरीकरण में हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को जागतोली में फूट पड़ा। जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल की अगुवाई में हुई बैठक में पीएमजीएसवाई के अधिकारियों और सड़क निर्माण के ठेकेदार को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बैठक में जनप्रतिनिधि, पूर्व जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वाहन स्वामी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों के अनुसार, 23 अक्टूबर को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ हुई वार्ता में पीएमजीएसवाई ने 27 अक्टूबर तक दोनों सड़कों पर काम शुरू करने का आश्वासन दिया था। लोगों ने तब चेतावनी दी थी कि 30 अक्टूबर तक काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। तय समय बीत जाने के बाद भी जमीन पर कोई काम नहीं दिखा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने कहा कि वे दो साल से डामरीकरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। उनका कहना था कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और उग्र आंदोलन की स्थिति बनी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। आक्रोशित लोगों ने कुछ देर के लिए अधिकारियों का घेराव किया और सांकेतिक रूप से उन्हें बंधक भी बनाए रखा।
पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता वीरेंद्र फर्स्वाण ने कहा कि डामरीकरण की सभी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से खराब मौसम के कारण प्लांट में काम बंद है। उन्होंने लोगों से थोड़ा समय देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि मौसम साथ देने पर हर हाल में 5 नवंबर से काम शुरू कर दिया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि विभाग लिखित और मौखिक, दोनों तरह के आश्वासन देता रहा है, फिर भी काम शुरू नहीं हुआ, जो जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि अब जनता को तारीख नहीं, जमीन पर काम चाहिए। 5 नवंबर से काम शुरू न होने पर क्षेत्र की जनता को साथ लेकर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रविंद्र जग्गी ने कहा कि लोग लंबे समय से सड़क की बदहाली और देरी झेल रहे हैं, पर अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। रविंद्र भंडारी, सुदर्शन राणा, चरण सिंह और जितेंद्र काण्डपाल सहित अन्य ग्रामीणों ने भी कहा कि विभाग पहले भी कई बार लिखित आश्वासन दे चुका है, पर अमल नहीं हुआ, इसलिए अब अधिकारियों की बातों पर भरोसा करना मुश्किल है।
अधिकारियों से लंबी वार्ता के बाद उपस्थित जनसमुदाय ने एक बार फिर साफ किया कि 5 नवंबर से डामरीकरण शुरू होना चाहिए। ऐसा न होने पर क्षेत्र की जनता व्यापक और उग्र आंदोलन करेगी।
बैठक में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत भंडारी, ग्राम प्रधान महड़ हरीश नेगी, ग्राम प्रधान इशाल राजेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान बैंजी काण्डई सोनम देवी, पूर्व प्रधान सुदर्शन राणा, पूर्व प्रधान विजयपाल कठैत, शिव शक्ति मंदिर समिति अध्यक्ष बचन सिंह, शिवराज सिंह कठैत, मातवर सिंह नेगी, गंगा नेगी, सोनू नेगी, दीपक रावत, आशीष पुरोहित, रामनाथ शाह, देवेंद्र बासकंडी, विशालमणी पुरोहित और जीत सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।



