
चमोली। बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर जोशीमठ क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गया। पहले हेलीकॉप्टर के लापता होने की खबर आई और कुछ ही देर बाद उसके चाई गांव के ऊपर पहाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना ने पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। हेलीकॉप्टर में एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि सभी यात्री बेंगलुरु, कर्नाटक के रहने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का यह हेलीकॉप्टर (कॉल साइन VT-HCX) दोपहर करीब 1.14 बजे बर्फबारी के बीच बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम में भी उसकी लोकेशन दिखना बंद हो गई।
प्रशासन के मुताबिक, भारतीय सेना ने ही सबसे पहले जिलाधिकारी चमोली को बताया कि हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर गिरा है। इसके बाद बचाव दल मौके के लिए रवाना किए गए। एसडीएम जोशीमठ को दोपहर 14:21 बजे सूचना मिली, जबकि एसडीआरएफ की जोशीमठ और पांडुकेश्वर इकाइयां 14:24 बजे घटनास्थल की ओर चल पड़ीं।
यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में मारवाड़ी पुल के ऊपर, जेपी पावर हाउस की ओर की पहाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना है। राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें भेजी गई हैं। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के अनुसार क्षेत्र में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी है और सवार लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
जोशीमठ के उप निरीक्षक मनोहर कन्याल ने बताया कि यूकाडा कर्मचारियों के अनुसार हेलीकॉप्टर की लोकेशन चाई गांव के ऊपर आर्मी कैंप के पास दिख रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह क्रैश है या क्रैश लैंडिंग।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर खुद नजर रखने की बात कही और गंभीर घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों की सकुशलता की कामना भी की।
हेलीकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु (पायलट), प्रताप, अरुण, शंकर, सुधीर और एमएस नागराजा के सवार होने की जानकारी मिली है। एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।
यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन के अनुसार, तकनीकी जानकारियों में सामने आया है कि यह हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था, जिसे चार्टर उड़ानों के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना परमिट नहीं था और उसका एनएसओपी आवेदन डीजीसीए में प्रक्रियाधीन है।इस बीच उसने दूसरी कंपनी के परमिट पर उड़ानें संचालित कीं।



