
श्रीनगर से ऋषिकेश तक कई स्थानों पर रुके मुख्यमंत्री, स्थानीय लोगों, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से किया संवाद; देवप्रयाग में शौचालय की बदहाल सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए सुधार के निर्देश
देहरादून। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के समापन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सड़क मार्ग से देहरादून लौटने का सफर केवल एक औपचारिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस दौरान उनका अंदाज जनसंवाद, जनसंपर्क और विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण का भी नजर आया। श्रीनगर से देवप्रयाग, कीर्तिनगर के मलेथा और ऋषिकेश होते हुए देहरादून तक के सफर में मुख्यमंत्री कई स्थानों पर रुके और स्थानीय लोगों, युवाओं, महिलाओं तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति, पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं का भी जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर से देहरादून लौटते समय हरिद्वार-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर गड्ढामुक्त अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। श्रीनगर-देवप्रयाग के बीच संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में चल रहे उपचारात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद इंजीनियरों और श्रमिकों से सीधे बातचीत कर उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर तैनात कर्मचारियों का हालचाल जाना और उनके योगदान की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप पूरे किए जाएं।
देवप्रयाग के निकट मुख्यमंत्री ने सड़क किनारे स्थित सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण भी किया। यहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिशासी अधिकारी को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवप्रयाग धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक आते-जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका नियमित संचालन और स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है। जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री कीर्तिनगर के मलेथा स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों का कुशलक्षेम जाना और क्षेत्र के हालात पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने आमजन और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर सहजता से संवाद किया। उनके इस पड़ाव को विधानसभा सत्र के बाद क्षेत्रीय लोगों से सीधे जुड़ने और जनसंपर्क बनाए रखने की पहल के रूप में देखा गया।
मुख्यमंत्री के ऋषिकेश पहुंचने पर नटराज चौक में स्थानीय लोगों और युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और नागरिक मुख्यमंत्री के अभिनंदन के लिए एकत्र हुए। इस दौरान उत्तराखंड राज्य युवा आयोग के गठन को लेकर युवाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। युवाओं ने आयोग को उनके हितों, आकांक्षाओं और समस्याओं को संस्थागत स्तर पर उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी से आत्मीयता से बातचीत की और उनका हालचाल जाना।
गैरसैंण से देहरादून तक मुख्यमंत्री की इस सड़क यात्रा में जहां एक ओर जनता के बीच पहुंचकर संवाद और जनसंपर्क की तस्वीर दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर उनकी सक्रियता भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में सुरक्षित और सुगम आवागमन के साथ आमजन तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सड़कों के सुधार से लेकर सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तक, प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।




