
गैरसैंण। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच उपजे विवाद में माफी को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब मंत्री ने विराम लगाने की कोशिश की है। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उनियाल ने साफ कर दिया कि उन्होंने न तो दलेर मेहंदी से माफी मांगी है और न ही इस तरह की कोई बातचीत हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही माफी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया।
मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आखिर उन्हें किस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनके मुताबिक, इस प्रकरण को लेकर उनकी किसी से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने पहले भी अपना पक्ष स्पष्ट किया था और अब भी उसी पर कायम हैं।
उनियाल ने कहा कि दलेर मेहंदी एक बड़े कलाकार हैं और उनके प्रति उनका पूरा सम्मान है। इसी सम्मान के चलते उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। हालांकि, यदि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें पहले ही आयोजकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें प्रसारित हो रही थीं कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से बातचीत कर खेद जताया है और माफी मांग ली है। इन खबरों के बाद यह माना जाने लगा था कि दोनों के बीच विवाद समाप्त हो गया है। हालांकि, मंत्री ने पहले भी इन दावों का खंडन किया था। अब गैरसैंण में एक बार फिर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए माफी की अटकलों को खारिज कर दिया।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर स्थित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में गायक दलेर मेहंदी को प्रस्तुति देनी थी। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान वह लिप-सिंक करते नजर आए और उनकी प्रस्तुति में बैकग्राउंड रिकॉर्डेड ट्रैक का इस्तेमाल किया गया। यह देखकर स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल नाराज हो गए।
मंत्री ने मंच पर ही गायक से इस संबंध में सवाल-जवाब किए और अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान हुई तीखी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद मामला कलाकार की प्रस्तुति से आगे बढ़कर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया। अब माफी की खबरों को खारिज कर सुबोध उनियाल ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इस विवाद पर उनका रुख पहले जैसा ही है।



