
देहरादून। प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, अस्पतालों को दक्ष मेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और प्रशिक्षित युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के संबंध में गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति (एम्पावर्ड कमेटी) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए निर्धारित सभी मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मानकों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ का बनेगा डाटा बैंक
मुख्य सचिव ने प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र की जरूरतों और उपलब्ध मानव संसाधनों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का व्यापक डाटा बैंक तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मियों की संख्या, योग्यता, विशेषज्ञता और कौशल संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी, जिससे आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर मेडिकल मानव संसाधनों की मांग और उपलब्धता के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया।
500 नर्सेज और वार्ड बॉय को विदेशों में रोजगार दिलाने का लक्ष्य
बैठक में प्रशिक्षित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2027-28 में 500 नर्सेज एवं वार्ड बॉय को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया।
उन्होंने अधिकारियों को पश्चिम एशिया, पश्चिमी यूरोप, एस्टोनिया और खाड़ी देशों में रोजगार की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित देशों में आवश्यक योग्यता, भाषा दक्षता और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं का अध्ययन कर युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने पर बल दिया।

अस्पतालों को मिलेगा प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को अधिक दक्ष और विशेषज्ञ मेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की जरूरतों के अनुसार नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और कौशल विकास के लिए ठोस लक्ष्य तय किए जाएं।
छह में से पांच विश्वविद्यालयों को मिली मंजूरी
बैठक में बताया गया कि निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में 73 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच और स्क्रूटनी के बाद छह आवेदन समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इनमें से पांच आवेदनों को नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए योग्य पाया गया, जबकि एक आवेदन पर आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
निजी अस्पतालों में मानकों के अनुसार स्टाफ तैनाती के निर्देश
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय की तैनाती प्रति बेड निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा।
बैठक में सचिव विनय शंकर, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, रोहित मीणा, नवनीत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




