
एसोसिएशन ने 800 लोगों की रोजी-रोटी का हवाला देकर दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, दूसरे पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में टैक्सी संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब कोतवाली पहुंच गया है। टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और नकदी चोरी के आरोपों को लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों के लोग मसूरी कोतवाली पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप हुए, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति शांत करानी पड़ी। एसोसिएशन ने कार्यालय में तोड़फोड़, रजिस्टर फाड़ने, सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त करने और नकदी चोरी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अपने साथ अभद्रता और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों की तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मसूरी टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र पंवार और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन अपने निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होता है, लेकिन कुछ सदस्य नियमों के विपरीत सवारियां उठाकर व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन से करीब 800 लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है और नियमों की अनदेखी से अन्य टैक्सी संचालकों के हित प्रभावित होते हैं। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यालय में तोड़फोड़ कर महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ दिए गए, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और नकदी चोरी की गई। उन्होंने पुलिस से तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर मसूरी में चक्का जाम किया जाएगा।
दूसरी ओर, विपिन भंडारी ने एसोसिएशन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गुरुवार सुबह सवारी ले जाने को लेकर संगठन के पदाधिकारियों के साथ उनका विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। विपिन भंडारी ने कहा कि उन्होंने या उनके किसी सहयोगी ने एसोसिएशन कार्यालय में तोड़फोड़ अथवा लूटपाट नहीं की है। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
विवाद के केंद्र में टैक्सी संचालन के नियम और सवारी ले जाने के अधिकार का मुद्दा भी है। विपिन भंडारी का कहना है कि अपनी टैक्सी से सवारी ले जाना उनका अधिकार है और एसोसिएशन उन पर अनुचित दबाव बना रही है। वहीं, संगठन के पदाधिकारियों का तर्क है कि एसोसिएशन के नियमों का पालन सभी सदस्यों के लिए जरूरी है, क्योंकि नियमों के विपरीत सवारियां उठाने से अन्य संचालकों की आजीविका प्रभावित होती है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और अब मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर प्राप्त हुई हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि पुलिस को निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष को अनुचित संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए और मसूरी जैसे पर्यटन क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
फिलहाल, टैक्सी संचालन को लेकर शुरू हुआ विवाद कारोबारियों की आजीविका और शहर की यातायात व्यवस्था से भी जुड़ गया है। एक ओर एसोसिएशन ने दो दिन में कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी दी है, वहीं दूसरा पक्ष सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। ऐसे में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



