
प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल और यशपाल आर्य समेत वरिष्ठ नेताओं ने संभाली कमान, बदरीनाथ से हल्द्वानी और देहरादून तक कार्यकर्ताओं ने उठाए जनहित के मुद्दे
देहरादून । उत्तराखंड में कांग्रेस की ओर से प्रदेशव्यापी ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ के तहत गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राओं का आयोजन किया गया। देहरादून, मसूरी, बदरीनाथ, जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली, अल्मोड़ा, रानीखेत, खैरना, भवाली, भीमताल और हल्द्वानी सहित कई स्थानों पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यात्रा के माध्यम से प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों को घेरा। अलग-अलग क्षेत्रों में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्राओं में पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, पलायन और पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस ने इसे जनता के अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई बताते हुए भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।
देहरादून में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के नेतृत्व में टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद न्याय यात्रा का शुभारंभ किया गया। राजपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यालय से गांधी पार्क, घंटाघर और पलटन बाजार होते हुए राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स तक पदयात्रा निकाली गई। वहीं, मसूरी विधानसभा क्षेत्र में इंदर बाबा मार्ग, कैनाल रोड से वैली गैस तक पदयात्रा आयोजित की गई। कांग्रेस के अनुसार, इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती घोटालों के आरोपों ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र को संरक्षण मिल रहा है, जबकि आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को न्याय यात्रा के माध्यम से जनता के बीच ले जाएगी।
प्रीतम सिंह ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ आम लोगों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को मिल रहा है।
बदरीनाथ से गोदियाल ने उठाए धार्मिक आस्था और पर्वतीय विकास के मुद्दे
न्याय यात्रा के तहत बदरीनाथ धाम से भी पदयात्राओं की शुरुआत की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला के नेतृत्व में बदरीनाथ, जोशीमठ, पीपलकोटी और चमोली में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बदरीनाथ धाम से यात्रा का शुभारंभ करते हुए गोदियाल ने मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने बदरीनाथ धाम और राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन मामलों में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही हुई है तो निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
गोदियाल ने कहा कि मंदिरों में चढ़ाया गया धन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अमानत है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित प्रबंधन तथा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में मरीजों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों, पलायन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को भी गंभीर चुनौती बताया। गोदियाल ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा तथा स्थानीय निवासियों, किसानों और युवाओं के हितों की रक्षा को कांग्रेस की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा के जरिए पार्टी गांवों और शहरों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को उठाएगी।
अल्मोड़ा से हल्द्वानी तक यशपाल आर्य ने साधा निशाना
कांग्रेस की न्याय यात्रा के तहत नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में अल्मोड़ा के गोलज्यू मंदिर से पदयात्राओं का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके तहत रानीखेत, खैरना, भवाली, भीमताल और हल्द्वानी में पदयात्राएं आयोजित की गईं।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तराखंड के स्वाभिमान, युवाओं के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के सहयोग से भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने और प्रदेश में जनहितकारी, पारदर्शी तथा जवाबदेह सरकार स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।
आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास के नाम पर घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को उन्होंने राज्य के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए आर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की मेहनत और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और कर्मचारियों की समस्याओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों से इन वर्गों पर दबाव बढ़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और सरकार की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनहित से जुड़े सवाल उठाना है और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, न्याय यात्रा उन युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आवाज बनने का प्रयास है, जो अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग स्थानों पर आयोजित पदयात्राओं के माध्यम से महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं और पर्वतीय क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी को प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से जनता की समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा और सरकार से जवाबदेही की मांग की जाएगी।
कांग्रेस की ओर से जारी विवरण के अनुसार, इन कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भाग लिया। पार्टी ने न्याय यात्रा को प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान बताते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही।




