
रुद्रप्रयाग । विकासखंड ऊखीमठ के ग्राम सल्या निवासी श्रीमती पूजा देवी ने मुर्गी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के सीमित साधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाते हुए अपना व्यवसाय शुरू किया।
ग्रामोत्थान परियोजना, रुद्रप्रयाग के तहत व्यक्तिगत उद्यम के अंतर्गत श्रीमती पूजा देवी का चयन मुर्गी पालन व्यवसाय के लिए किया गया। उन्हें 30 हजार रुपये की परियोजना राशि प्रदान की गई। इसके अलावा 50 हजार रुपये का बैंक ऋण तथा 20 हजार रुपये का स्वयं का अंशदान लगाकर उन्होंने मुर्गियों का क्रय किया और व्यवसाय की शुरुआत की।
मुर्गी पालन के माध्यम से वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस स्वरोजगार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता दिखाया है। साथ ही, वे गांव की अन्य महिलाओं को भी मुर्गी पालन जैसे व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें।
श्रीमती पूजा देवी की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण और स्वरोजगार की संभावनाओं का जीवंत उदाहरण है। ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से शुरू किया गया उनका उद्यम दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर महिलाएं न केवल अपनी आजीविका मजबूत कर सकती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकती हैं।



