
एक्टिविस्ट योगिता भयाना का भी मिला साथ
नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता नई दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी उनके साथ मौजूद रहीं। परिजनों ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने के फैसले को रद्द करने तथा मामले की सीबीआई जांच तेज करने की मांग की है।
क्या है मांग
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि परिवार ने जनवरी में ही सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन जांच में लंबा इंतजार कराया गया और अब भी नामजद व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
परिजनों और समर्थकों की मांग है कि दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए और उन्हें इस पद से हटाया जाए। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति का नाम हत्याकांड के संदर्भ में बार-बार उठाया जा रहा है, उसे संवैधानिक पद देना न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
योगिता भयाना ने जताया समर्थन
धरने में सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी अंकिता के माता-पिता के साथ बैठीं। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता जताते हुए निष्पक्ष, तेज और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय मिलना ही मामले का असली समाधान है।
कांग्रेस का विरोध
इससे पहले मंगलवार को देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में मौन उपवास रखा। कांग्रेस ने गौतम की नियुक्ति को जांच से बचाने का प्रयास बताया और केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार की मांग की।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता ने सरकार से यह जांच कराने की मांग की थी कि हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी कौन है, लेकिन इसके बजाय उन्हें राज्यपाल बना दिया गया।
अंकिता भंडारी केस
- अंकिता भंडारी हत्याकांड: सितंबर 2022 में उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी, जिसमें रिजॉर्ट मालिक (पूर्व भाजपा नेता का बेटा) और उसके साथी जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
- VIP एंगल: मामले में शुरुआत से ही एक अज्ञात ‘VIP’ को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाने की बात सामने आ रही थी, जिसकी जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड में लगातार प्रदर्शन हो रहे थे।
- CBI जांच: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सिफारिश पर इस साल की शुरुआत में ही मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। हाल ही में दिल्ली से आई CBI की टीम ने अंकिता के माता-पिता से पूछताछ भी की थी।
इस नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और मौन उपवास किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, दुष्यंत गौतम ने खुद पर लगे आरोपों और वायरल खबरों को पूरी तरह गलत व निराधार बताया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले में और लोगों की भूमिका की जांच अभी भी लंबित है। उन्होंने सीबीआई जांच को तेज करने और सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।



