
देहरादून। पंचम उत्तराखंड बाल विधानसभा 2026-27 के अंतर्गत सोमवार, 13 अक्टूबर को बाल मंत्रिमंडल के गठन एवं शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की उपस्थिति में नवनिर्वाचित बाल मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में कुमाऊँ विधानसभा क्षेत्र से चयनित कुंवर विनय जोशी को बाल मुख्यमंत्री, कुंवर कमल सिंह मटियाली को बाल स्पीकर तथा कुंवर प्रज्ञान पाण्डेय को बाल नेता प्रतिपक्ष का दायित्व सौंपा गया। इसके अलावा विभिन्न विभागों के लिए बाल मंत्रियों की नियुक्ति की गई।
बाल मंत्रिमंडल में यह मिला दायित्व
– सुश्री रिधिमा — बाल गृहमंत्री
– सुश्री वैशाली नेटवाल — बाल महिला एवं बाल विकास मंत्री
– कुंवर अंशुमान — बाल शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री
– कुंवर विकास — बाल आपदा प्रबंधन एवं समाज कल्याण मंत्री
– कुंवर सक्षम नेगी — बाल स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री
– सुश्री स्नेहा — बाल श्रममंत्री
– सुश्री किरण पांडेय — कृषि, मत्स्य एवं सूचना प्रसारण मंत्री
– सुश्री राशि — वन एवं पर्यावरण मंत्री
लोकतंत्र और जनसेवा की सीख
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने नवगठित बाल मंत्रिमंडल को बधाई देते हुए कहा कि बाल विधानसभा बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनसेवा और नेतृत्व की समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बच्चों से राजनीति को जनकल्याण और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने का आग्रह किया।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने बाल अधिकारों के संरक्षण, सुरक्षित वातावरण और बच्चों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।
साइबर सुरक्षा पर भी मिली जानकारी
कार्यक्रम में आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बाल मंत्रिमंडल के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कराया, जिसमें बच्चों को मंत्रिमंडल की भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई। आयोग सदस्य दयाल सिंह बिष्ट ने बच्चों को साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के बारे में जागरूक किया।
प्लान इंडिया के गोपाल थपलियाल ने बाल विधानसभा की अवधारणा, उद्देश्य और कार्यप्रणाली से बच्चों को अवगत कराया। कार्यक्रम में आयोग के अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, विधि अधिकारी ममता रौथाण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
बता दें कि बाल विधानसभा के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों से 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं को बाल विधायक के रूप में चयनित किया गया है।



