
गुरुग्राम/नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार (11 अक्टूबर 2026) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया, बल्कि उनके गुरुग्राम स्थित घर से “किडनैप” किया गया। उन्होंने कहा, “I was not arrested or detained, I was KIDNAPPED।”
राठी को शनिवार (10 अक्टूबर) सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।
अपने वीडियो में राठी ने दावा किया कि सुबह करीब 7 बजे वे अपने बेडरूम में सो रहे थे। उनकी मां ने दरवाजा खोला तो सादी वर्दी में करीब 20 लोग घर में घुस आए। उन्होंने मां को धक्का दिया, बेडरूम में घुसकर उन्हें जबरन उठाया और घसीटते हुए सीढ़ियों से नीचे ले गए। इस दौरान उन्हें चोटें आईं और चप्पल पहनने तक का समय नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के पास न वर्दी थी, न वॉरंट और न ही नेमप्लेट। घर के बाहर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। उनका और माता-पिता का फोन छीन लिया गया।
राठी ने कहा कि उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया और करीब 22-23 घंटे तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान उन्हें वकील से मिलने या फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने रिहाई के लिए कोई बॉन्ड या अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर नहीं किए।
उन्होंने अपने भारतीय पासपोर्ट को भी दिखाते हुए कहा कि वे भारतीय नागरिक हैं और हमेशा रहेंगे। नागरिकता को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का जवाब देते हुए उन्होंने जोर दिया कि उन्हें आम नागरिक के समान अधिकार हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार राठी को रविवार सुबह करीब 3 बजे रिहा कर उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने आगाह किया है कि अगर वे प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई हो सकती है।
राठी ने इस पूरे प्रकरण को “अघोषित इमरजेंसी” बताया और कहा कि हजारों प्रदर्शनकारियों तथा नेताओं को इसी तरह हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और उन्होंने देश के मुद्दों पर आवाज उठाना जारी रखने का संकल्प दोहराया।




