
ओमानी को-पायलट ने बीच हवा में चाकू से हमला कर प्लेन क्रैश कराने की कोशिश की, घायल भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर टाल दी बड़ी तबाही
सऊदी अरब। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार (30 सितंबर 2026) को ऐसा दृश्य देखने को मिला कि यात्री आज भी कांप जाते हैं। करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे बोइंग 737 मैक्स-8 में अचानक कॉकपिट से चीखें आने लगीं। ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला बोल दिया और विमान को तेजी से नीचे गिराने लगा। कुछ ही सेकंड में प्लेन 14,000 से 17,000 फीट तक लुढ़क गया। यात्रियों को लगा जैसे मौत उनके सिर पर मंडरा रही हो।
लेकिन भारत का लाल हिम्मत नहीं हारा। खून से लथपथ, फर्श पर पड़े स्मित मच्छार ने अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्री और क्रू सदस्य अंदर घुस सके। इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई के अतिरिक्त पायलटों की मदद से हमलावर को काबू कर लिया गया। विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया गया। सवार करीब 174 यात्री (जिनमें 27 बच्चे शामिल) और क्रू सदस्यों की जान बच गई।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित को ‘ट्रू हीरो’ बताया और कहा कि उन्होंने 9/11 जैसी तबाही को रोक दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें हीरो करार देते हुए कहा, “सबसे बड़े खतरे के सामने भी उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। भारत उन पर गर्व करता है।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया भर में उनकी तारीफ हो रही है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
गुजराती मूल के स्मित मच्छार मुंबई के घाटकोपर इलाके से हैं। उन्होंने करीब 11 साल स्पाइसजेट में सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम किया। जून 2022 में फ्लाईदुबई में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन बने। उनके पास बोइंग 737 पर करीब 9,750 उड़ान घंटे और 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। सुरक्षा और ट्रेनिंग पर उनका खास फोकस रहा है।
एजेंसियों की जांच
ओमानी को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। यूएई की सिविल एविएशन अथॉरिटी, सऊदी नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी सेंटर और इजरायली एजेंसियां (शिन बेट, मोसाद समेत) जांच कर रही हैं। फ्लाईदुबई ने कहा है कि मकसद अभी अज्ञात है और अटकलों से बचा जाए। कुछ इजरायली अधिकारियों ने इसे संभावित आतंकी हमले की कोशिश बताया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि बाकी है। स्मित मच्छार तबुक के अस्पताल में स्थिर हालत में हैं। भारतीय दूतावास उनके परिवार से संपर्क में है।
यह घटना सिर्फ एक उड़ान की नहीं, बल्कि उस भारतीय जज्बे की कहानी है जो मौत के मुंह में भी दूसरों की जान बचाने को तैयार रहता है। कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम!




