
चमोली। ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (FIED) और उत्तराखंड ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) के संयुक्त तत्वावधान में ब्लॉक सभागार कर्णप्रयाग में एक दिवसीय उद्यमिता बूट कैंप का आयोजन किया गया।
कैंप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और उद्यमिता में रुचि रखने वाले युवाओं को व्यवसाय विकास, नवाचार और बाजार विस्तार का मार्गदर्शन देना था।
कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर FIED के बिजनेस मैनेजर गिरधर सिंह बिष्ट ने बूट कैंप के उद्देश्यों और उद्यमियों को मिल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उद्यमियों को अपने बिजनेस मॉडल को बेहतर समझने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का मौका मिलता है। वहीं बिजनेस मैनेजर मनमोहन सिंह ने स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के टिप्स दिए।

बूट कैंप में चमोली के विभिन्न उद्यमियों ने अपने बिजनेस आइडिया और मॉडल प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने उत्पादों, बाजार की संभावनाओं और आ रही चुनौतियों को विशेषज्ञों के सामने रखा, जिस पर विशेषज्ञों ने जरूरी सुझाव दिए।
परियोजना निदेशक ने इसे ग्रामीण उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय उद्यमियों को नए अवसरों से जुड़ने और स्वरोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी। REAP के सहायक प्रबंधक ताजबार सिंह गुसाईं सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान स्थानीय उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगाए। कैंप में लीला नेगी, प्रशांत सिंह, अर्जुन सिंह कंडारी, दिलीप नेगी, गीता, दर्शनी देवी सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।




