
देहरादून। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन (सीटू) की बैठक गांधी पार्क स्थित सीटू कार्यालय में हुई, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय और भुगतान से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। यूनियन का कहना है कि वर्ष 2021 से आशाओं का मानदेय नहीं बढ़ाया गया है और पिछले 5 महीने से राज्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी लंबित है।
यूनियन के अनुसार, 3 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आशा प्रतिनिधि मंडल की बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की तर्ज पर मानदेय व सुविधाएं देने के लिए हाई पावर कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया था। यूनियन का आरोप है कि आज तक न तो कमेटी बनी और न ही मानदेय में कोई बढ़ोतरी हुई, जबकि आशाओं पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
बैठक में सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने आरोप लगाया कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर ठेकेदारों व मालिकों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है, और मुख्यमंत्री को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने बताया कि 5 सितंबर 2026, शनिवार को सुबह 11 बजे प्रदेश के सभी विधायकों और सांसदों को विधायक हॉस्टल पर मांग पत्र सौंपा जाएगा, जिसमें देहरादून की आशा कार्यकर्ता भी शामिल होंगी। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 17 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा और आशा वर्कर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।
बैठक में जिला महामंत्री लेखराज, प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, कलावती चंदोला, प्रांतीय महामंत्री लोकेश, जिला अध्यक्ष सुनीता चौहान, सीमा, हेमलता, मंजू बाला, कोषाध्यक्ष रवींद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान और अनंत आकाश सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



