
हरिद्वार में प्रेस वार्ता कर सीबीआई जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, एसआईआर और मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
हरिद्वार। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई। बुधवार को हरिद्वार के देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर अब तक उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रकरण को लेकर चुप नहीं बैठेगी और न्याय की मांग को लेकर सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
रागिनी नायक ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इसके बावजूद पीड़ित परिवार की न्याय संबंधी चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका स्पष्ट करने के बजाय जांच को लेकर लगातार संदेह की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना था कि इस प्रकरण में सामने आए सभी सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव या पद के कारण जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सीबीआई जांच की संस्तुति का उल्लेख करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने जांच की दिशा और उसके दायरे पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका को लेकर स्पष्टता क्यों नहीं है। उनके मुताबिक, मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों की पारदर्शी तरीके से जांच होना जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार और आम जनता का भरोसा कायम रह सके। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए ये आरोप कांग्रेस प्रवक्ता के राजनीतिक दावे हैं; उनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच संबंधी आधिकारिक दस्तावेजों से ही हो सकती है।
रागिनी नायक ने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है। उन्होंने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के धरने का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान वह राहुल गांधी के साथ वहां मौजूद थीं और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जब तक मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं होता, पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।
प्रेस वार्ता में रागिनी नायक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भी निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उनके दावे के मुताबिक, एसआईआर के तीसरे चरण में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस आंकड़े और आरोप की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों का मिलान आवश्यक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों के साथ मिलकर रणनीतिक तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने में शामिल हैं। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आयोग के बचाव में उतरने का आरोप भी लगाया।
रागिनी नायक ने अंत में दावा किया कि उत्तराखंड में मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां बदलाव का संकेत दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों, लोकतांत्रिक अधिकारों और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के सवाल पर अपना अभियान तेज करेगी। प्रेस वार्ता में उन्होंने भाजपा सरकार को घेरते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस इन मुद्दों को राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में लगातार उठाती रहेगी।रागिनी नायक ने स्पष्ट कहा—“न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।” कांग्रेस इस मुद्दे को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी।
प्रेस क्लब हरिद्वार में हुई इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक के साथ स्थानीय कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे, जिनमें मीडिया प्रभारी एवं एआईसीसी मीडिया कॉर्डिनेटर पंखुड़ी पाठक, मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी, प्रवक्ता आलोक शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस साथी शामिल थे।




