
केदारनाथ।देवभूमि केदारनाथ धाम से पत्रकार पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पत्रकार दिनेश सिंह पर क्षेत्र में आश्रम बनाकर रह रहे तथाकथित साधु ललित महाराज ने डंडे से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। इस हमले में पत्रकार का हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में रोष फैल गया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
क्या है पूरा मामला
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, वह केदार सभा और मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारियों व स्थानीय खबरों को लगातार जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका आरोपी बाबा से न कोई लेना-देना था, न ही कोई विवाद हुआ था। इसके बावजूद बाबा अचानक पहुंचा और बिना किसी कारण के डंडे से उनके हाथ पर जोरदार वार कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि वार इतना तेज था कि उनका हाथ टूट गया और वे दर्द से कराहने लगे। घटना के तुरंत बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचित किया तथा उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई। बताया जा रहा है कि पीड़ित पत्रकार कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों और चैनलों के लिए क्षेत्र से ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
क्षेत्र में गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और व्यापार संघ से जुड़े लोगों ने पत्रकार के समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि जो पत्रकार ठंड और विपरीत परिस्थितियों में खड़े होकर स्थानीय मुद्दों, व्यापारियों और आम जनता की आवाज उठाता है, उसके साथ ऐसी बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
स्थानीय लोगों ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है और सच उजागर करने वाले कलमकार पर हमला अभिव्यक्ति की आजादी तथा लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेकर आरोपी ललित महाराज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उठ रहे गंभीर सवाल
– क्या साधु का चोला पहन लेने से किसी को निहत्थे व्यक्ति पर हमला करने और कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है?
– केदारनाथ जैसी अति-संवेदनशील और पवित्र जगह पर आश्रम बनाकर रह रहे व्यक्ति की गतिविधियों और वैधता की प्रशासन ने कब जांच की?
– श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और शांति का केंद्र बने धाम में भय का माहौल बनाने वाले तत्वों पर कब तक संयम रखा जाएगा?
– क्या धर्म की आड़ में गुंडागर्दी करने वालों को खुला संरक्षण मिलता रहेगा?
प्रशासन से अपेक्षा
पीड़ित पत्रकार और स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस घटना की गंभीरता से जांच करे, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और केदारनाथ धाम में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करे। लोगों का कहना है कि देवभूमि की पवित्रता और कानून का इकबाल दोनों कायम रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।




